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Gujarat RS By-Elections: दिनेश भाई प्रजापति, रामभाई मोकरिया को BJP ने बनाया कैंडिडेट

गुजरात राज्यसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने दिनेश भाई प्रजापति, रामभाई मोकरिया को उम्मीदवार बनाया है।

rajya sabhaतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (PTI)

गुजरात राज्यसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने दिनेश भाई प्रजापति, रामभाई मोकरिया को उम्मीदवार बनाया है। 1 मार्च को गुजरात की दो राज्यसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। पिछले हफ्ते गुरुवार को चुनाव आयोग ने इसकी घोषणा की थी। बता दें कि दो राज्यसभा सदस्यों के निधन के चलते ये चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। इन दो सदस्यों का कोरोना महामारी के चलते निधन हुआ था। चुनाव आयोग ने कहा,“आयोग ने तय किया है कि गुजरात की राज्यसभा सीटों के लिए दो उपचुनाव होंगे। ” नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी है। मतदान 1 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच होगा। मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से होगी।

कांग्रेस नेता अहमद पटेल 2017 में एक कठिन मुकाबले में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। जहां कई कांग्रेस विधायकों ने चुनाव से पहले पार्टी छोड़ दी थी। अहमद पटेल का नवंबर 2020 में निधन हो गया था। पटेल गुजरात से तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ चुने गए थे।

वहीं, राजकोट से वकील अभय भारद्वाज जून 2020 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे और दिसंबर में कोविड के इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। भारद्वाज रामिलाबेन बेरा, नरहरि अमीन और शक्तिसिंह गोहिल के साथ पहली बार राज्यसभा सांसद चुने गए थे।

इस समय गुजरात विधानसभा में भाजपा के पास 111 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 65 विधायक हैं। विधानसभा में सदस्यों की संख्या कुल 180 है। अगर दो सीटों के लिए उपचुनाव एक साथ होते तो कांग्रेस और भाजपा दोनों को एक-एक सीट पर जीत मिलती लेकिन अलग-अलग चुनाव होने से एक उम्मीदवार को जीत के लिए 91 वोटों की जरूरत होगी। इससे कांग्रेस उम्मीदवारों के चुने जाने की उम्मीद कम हो जाती है।

2019 में इसी तरह के राज्यसभा चुनावों में, कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा अमित शाह और स्मृति ईरानी के इस्तीफे के बाद दो अलग-अलग उपचुनाव कराने का फैसला करने के बाद भाजपा उम्मीदवार एस जयशंकर के चुनाव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

चुनाव आयोग ने तब कहा था कि “राज्यसभा सहित सभी सदनों के लिए (उपचुनावों) की वैकेंसी को अलग-अलग वैकेंसी के रूप में देखा जाता है और अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए जाते हैं और हर एक वैकेंसी के लिए अलग-अलग चुनाव किए जाते हैं।”

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