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गुजरात का नया CM तय: अंतिम समय में कटा नितिन पटेल का पत्ता, विजय रुपानी के नाम का ऐलान

Gujarat CM: बीजेपी स्टेट प्रेसिडेंट विजय रुपानी को विधायक दल ने गुजरात का नया मुख्यमंत्री चुना। नितिन पटेल बने डिप्टी सीएम।

Author अहमदाबाद | August 5, 2016 8:45 PM
गुजरात के नए सीएम विजय रुपानी (FILE PHOTO)

गुजरात में सीएम आनंदीबेन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार को राज्य के नए सीएम का ऐलान हो गया। बीजेपी स्टेट प्रेसिडेंट विजय रुपानी को विधायक दल ने राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना। इससे पहले गुजरात सरकार में आनंदीबेन के बाद दूसरे नंबर पर माने जाने वाले नितिन पटेल को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाना तय माना जा रहा था। पटेल ने टीवी चैनलों पर इंटरव्यू देना और बधाई स्वीकार करना भी शुरू कर दिया था। उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री अपना एजेंडा भी बताना शुरू कर दिया था। लेकिन, शाम को विजय रुपानी के नाम का ऐलान हो गया।  नितिन पटेल के साथ ऐसा दूसरी बार हुआ। 2014 में नरेंद्र मोदी की जगह लेने के लिए भी वह कड़े दावेदार थे। लेकिन, कुर्सी आनंदीबेन पटेल को मिल गई थी। नितिन पटेल को गुजरात का डिप्टी सीएम बनाया गया है।

कौन है विजय रुपानी?
विजय रुपानी वर्तमान में गुजरात भाजपा के अध्‍यक्ष है। रुपानी साल 2014 में राजकोट विधानसभा का उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे। आनंदी बेन सरकार में उन्‍हें मंत्री भी बनाया गया। उन्‍हें गैर विवादित चेहरा माना जाता है। पार्टी कैडर में भी रुपानी काफी लोकप्रिय हैं और उनकी अच्‍छी पकड़ है। कहा जा रहा है कि वे जैन समुदाय से आते हैं, इस वजह से उनकी दावेदारी कमजोर हुई।

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कैसे कटा नितिन पटेल का पत्ता?
आखिर तक गुजरात के सीएम बनने की दौड़ मे सबसे आगे चल रहे नितिन पटेल को तगड़ा झटका लगा है। विधायक दल की बैठक में उन्हें डिप्टी मुख्यमंत्री चुना गया है। कहा जा रहा था कि नितिन पटेल को पाटीदारों को मनाने की कोशिशों के चलते लिए सीएम बनाया जा रहा था। पटेल के पत्ता कटने का एक कारण यह भी हो सकता है कि बीजेपी नेतृत्व को इस बात का अहसास हो गया हो कि पाटीदार समुदाय अब उनका साथ नहीं देगा। इसलिए नितिन पटेल को सीएम नहीं बनाया गया। इसके अलावा एक कारण- इस बार गुजरात के सीएम के लिए अमित शाह की पसंद को ज्यादा तवज्जों देना भी है। बता दें कि विजय रुपानी शाह की पहली पसंद थे। साथ ही शाह के बेहद करीबी भी है।

क्यों मजबूत था नितिन पटेल का दावा? 

नितिन पटेल मेहसाणा जिले के खाडी के मनिपुर गांव से हैं। वह पहली बार 1990 में विधायक बने। नितिन 1995 में बीजेपी की पहली बार गुजरात में सरकार बनने के समय से कैबिनेट मंत्री हैं। नितिन पटेल को पीएम मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है। नितिन ऑयल, शिवानी कॉटन और प्रेसिंग कारोबार के मालिक नितिन पटेल के पास मंत्रालय संभालने का लंबा अनुभव है। पटेल हेल्थ, एग्रीकल्चर, रोड्स एंड बिल्डिंग, अर्बन डेवल्पमेंट, रेवेन्यू और वित्त विभाग संभाल चुके हैं। नितिन पटेल की नियुक्ति को पाटीदारों को मनाने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है। पाटीदार बीजेपी और नॉर्थ गुजरात दोनों से नाराज चल रहे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम रहीं आनंदीबेन पटेल दोनों इसी क्षेत्र से आते हैं। उत्तर गुजरात से ही पाटीदार आरक्षण विवाद का जन्म भी हुआ था। पाटीदार समाज बीजेपी की जीत के पीछे पावर हाउस की तरह काम करता है। मेहसाणा के खाडी के सर्वा विद्यालय से बारहवीं पास करने वाले नितिन पटेल ने अपने बी कॉम का सेकेंड ईयर सीएन आर्ट्स एंड बीडी कॉमर्स कॉलेज से किया है। पटेल मेहसाणा से विधायक है और यह बीजेपी का गढ़ है।

राजनीतिक करियर
नितिन पटेल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत खाडी नगर महापालिका से शुरु किया था। बाद में वह नगरपालिका अध्यक्ष बने। पाटीदार आंदोलन के वक्त गुजरात की सीएम रहीं आनंदीबेन पटेल ने नितिन को मंत्रियों की उस हाई लेवल कमेटी का अध्यक्ष बनाया था, जो पाटीदार से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। 2012 के चुनाव में दिए गए हलफनामे के मुताबिक पटेल के खिलाफ 5 आपराधिक मामले लंबित थे। उनके पास कुल 9 करोड़ से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति है।

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