2008 में हेमंत मोदी को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और छह साल बाद पैरोल पर बाहर आकर फरार हो गया। एक दशक से भी ज्यादा समय तक हेमंत नगीनदास पुरुषोत्तमदास मोदी खुलेआम छिपकर जीता रहा। हैरानी की बात यह है कि उसे किसी ने पहचाना तक नहीं, यहां तक कि उन लाखों लोगों ने भी नहीं जिन्होंने उसे कई बड़े बजट की फिल्मों, नाटकों और वेब सीरीज़ में देखा।

बड़े पर्दे पर हेमंत मोदी ने सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और मोहनलाल के साथ काम किया। इसके अलावा वह आमिर खान, रणवीर सिंह, आदित्य रॉय कपूर और सारा अली खान जैसे कलाकारों के साथ भी नजर आया। लेकिन आखिरकार उसकी किस्मत ने साथ छोड़ दिया। असल जिंदगी ने उसकी रील लाइफ के सपने पर विराम लगा दिया।

‘स्पंदन मोदी’ के नाम से बनाई नई दुनिया

गुरुवार को अहमदाबाद सिटी पुलिस की डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) ने शहर के घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास एक जगह पर छापा मारा। वहां उन्हें 2014 से फरार चल रहा हेमंत मोदी मिला जो अपनी नई दुनिया में 54 वर्षीय अभिनेता ‘स्पंदन मोदी’ के नाम से जाना जाता था।

27 अगस्त 2008 को हेमंत मोदी, उसके भाई सचिन मोदी और पांच अन्य लोगों को नरेंद्र उर्फ नैनो यशवंत कांबले की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। यह हत्या 15 जून 2005 को हुई थी।

ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हेमंत मोदी को पहले साबरमती सेंट्रल जेल में रखा गया और बाद में मेहसाणा जेल भेज दिया गया। वहां उसे कैदी नंबर 31146 दिया गया था।

पैरोल के बाद फरार

25 जुलाई को 2014 को सजा के छह साल पूरे होने के बाद गुजरात हाई कोर्ट ने हेमंत मोदी को 30 दिन की पैरोल दे दी। कैदी संख्या 31146 जेल से बाहर तो निकला लेकिन फिर कभी वापस नहीं आया। मामले की जांच अधिकारी (IO) पुलिस इंस्पेक्टर पी. एम. धाखड़ा के अनुसार, उसके साथ दोषी ठहराए गए बाकी छह लोगों ने अपनी सजा पूरी कर ली और अब समाज में दोबारा सामान्य जीवन जी रहे हैं।

पैरोल तोड़कर फरार होने के बाद हेमंत मोदी 2015 तक यानी एक साल तक पाटन जिले में रहा। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर ‘ट्विंकल मुकुंद दवे’ रख लिया और अहमदाबाद आ गया। यहां उसने एक निजी कंपनी में नौकरी की और पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने लगा। लेकिन फिर शायद उसे लगा कि उसकी जिंदगी में थोड़ा ड्रामा होना चाहिए।

थिएटर से फिल्मी दुनिया तक

उसने थिएटर के जरिए शुरुआत की और धीरे-धीरे रंगमंच की दुनिया में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। ऐसा कह सकते हैं कि उसने काफी तेजी से प्रगति की- 2017 तक वह मुंबई पहुंच चुका था और बॉलीवुड में सहायक अभिनेता के छोटे-छोटे रोल मिलने लगे थे। ‘स्पंदन मोदी’ अब इंडस्ट्री में कदम रख चुका था।

पुलिस के अनुसार, हेमंत मोदी उर्फ स्पंदन ने यशराज फिल्म्स की फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ (2018) में अमिताभ बच्चन और आमिर खान के साथ काम किया। इसके अलावा वह दिव्यांग ठक्कर की फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ (2022) में रणवीर सिंह और बोमन ईरानी के साथ नजर आया और 2025 में अनुराग बसु की फिल्म ‘मेट्रो… इन दिनों’ में आदित्य रॉय कपूर और सारा अली खान के साथ भी काम किया।

उसने मोहनलाल अभिनीत फिल्म ‘L2: एम्पुरान’ (2025) में भी काम किया। साथ ही वह आने वाली फिल्मों ‘लाहौर 1947’ (जिसमें सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं) और ‘तू है मेरी किरण’, (सोनाक्षी सिन्हा नजर आएंगी) में भी काम कर चुका है।

पुलिस ने कहा कि हेमंत मोदी ने 20 गुजराती फिल्मों में भी अभिनय किया। इसके अलावा इमरान हाशमी की वेब सीरीज ‘तस्करी’, दो हिंदी और चार गुजराती सीरियल में उसने एक्टिंग की। ‘युगपुरुष’ और ‘गांधी विरुद्ध गोडसे’ समेत 17 गुजराती नाटकों में भी अभिनय किया है।

ऐसे खत्म हुई ‘फिल्मी कहानी’

2025 में हेमंत मोदी वापस अहमदाबाद लौट आया और आखिरकार यहां वो तब पकड़ा गया जब किसी ने उसे पहचान लिया।

पुलिस इंस्पेक्टर पी. एम. धाखड़ा ने बताया, ”हेमंत मोदी को कॉलेज के दिनों से ही अभिनय में रुचि थी। हमें यह भी जानकारी मिली है कि उसने पत्रकारिता की पढ़ाई की हो सकती है। हालांकि, हत्या की घटना के समय वह एक जूनियर वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रहा था और उसके भाई सचिन के अनुसार उसने एक सरकारी परीक्षा भी पास की थी।”

धाखड़ा ने कहा कि पुलिस को कुछ ‘गोपनीय जानकारी’ मिलने के बाद फरार आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। उन्होंने बताया, ”हेमंत मोदी ने अपने परिवार से सारे संबंध तोड़ दिए थे, पत्नी को तलाक दे दिया था और दोस्तों से भी दूरी बना ली थी। उसकी डिजिटल मौजूदगी लगभग ना के बराबर थी और वह सोशल मीडिया पर भी नहीं था।”

उन्होंने आगे कहा, ”हालांकि ऐसा लगता है कि जब वह वापस अहमदाबाद आया तो किसी ने उसे पहचान लिया जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली। हमने उसे हिरासत में लिया और जेल रिकॉर्ड में दर्ज उसके हुलिए और शारीरिक विशेषताओं से मिलान किया जो पूरी तरह मेल खाती थीं। आखिरकार उसने अपनी असली पहचान कबूल कर ली।”