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गुजरात: गौमांस रखने पर 3 साल कैद, 10,000 जुर्माना, 2014 में गिरफ्तार किया गया था रफीक

रफीक को सजा सुनाते हुए एडिश्‍नल ज्‍यूडीशियल मैजिस्‍ट्रेट (फर्स्‍ट क्‍लास) सीवाई व्‍यास ने कहा, 'गाय समाज के एक वर्ग की भावनाओं से जुड़ी हैं ऐसे में एक उदाहरण पेश करने की जरूरत है, ताकि दूसरे ऐसा काम करने से पहले सोचें।'

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

गुजरात के नौसारी जिले में अक्‍टूबर 2014 में बीफ के साथ पकड़े गए रफीक खलीफा नाम के शख्‍स को सूरत की एक अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई है। नौसारी देवधा गांव के रहने वाले रफीक पर कोर्ट ने 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, रफीक को एनिमल प्रोटेक्‍शन एक्‍ट की धारा- 6 (1), (2), (3), 8 (4) और आईपीसी की धारा 429 और 114 के तहत मामला दर्ज किया गया था। रफीक के पास से 4000 रुपए की कीमत का 40 किलो गौमांस मिला था। पूछताछ के दौरान रफीक ने बताया था कि उसने हनीफ मनीयत नाम के कसाई से गौमांस खरीदा था। इस मामले में उसकी भी गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन उसे सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया है।

इस मामले में दाखिल पुलिस की चार्जशीट में छह गवाहों के नाम दर्ज हैं। इनमें दो गौरक्षक भी हैं, इन्‍होंने ही रफीक खलीफा को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा फोरेंसिक साइंस लैब का एक अफसर, दो पुलिसकर्मी और एक अन्‍य व्‍यक्ति को भी पुलिस ने गवाह बनाया था।

रफीक को सजा सुनाते हुए एडिश्‍नल ज्‍यूडीशियल मैजिस्‍ट्रेट (फर्स्‍ट क्‍लास) सीवाई व्‍यास ने कहा, ‘गाय समाज के एक वर्ग की भावनाओं से जुड़ी हैं ऐसे में एक उदाहरण पेश करने की जरूरत है, ताकि दूसरे ऐसा काम करने से पहले सोचें।’

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