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पटेल आरक्षण के लिए युवा किसान ने की आत्महत्या

आरक्षण की मांग को लेकर पटेल समुदाय के एक 36 साल के व्यक्ति ने जिले में धोराजी कस्बे के एक निजी गेस्ट हाउस में कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

Author राजकोट | March 5, 2016 1:58 AM

आरक्षण की मांग को लेकर पटेल समुदाय के एक 36 साल के व्यक्ति ने जिले में धोराजी कस्बे के एक निजी गेस्ट हाउस में कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस युवक ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें उन्होंने सरकार पर किसानों की दुर्दशा को दरकिनार करने का आरोप लगाया है। यह मामला विधानसभा में भी उठा। कांग्रेस ने सरकार पर पटेल समुदाय के आरक्षण के मुद्दे की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से इस तरह के कदम न उठाने की अपील की है।

धोराजी के पुलिस उप निरीक्षक जेआर राणा ने बताया ‘हमें उसके बिस्तर के पास से सुसाइड-नोट मिला है। यह पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के सौराष्ट्र क्षेत्र के संयोजक ललित वासोया को संबोधित है। वह शानी के दूर के रिश्तेदार हैं। सुसाइड-नोट में शानी ने आरक्षण के लिए आंदोलन के लिए अपना जीवन समाप्त करने के संकेत दिए हैं।’ पुलिस ने बताया कि आत्महत्या के बाद पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने धोराजी बंद की अपील की। इसके बाद इलाके की ज्यादातर दुकाने बंद रहीं। हालांकि इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। आंदोलन समिति ने यह सुसाइड-नोट मीडिया के साथ साझा किया।

इसमें कहा गया है कि यदि आरक्षण की मांग पूरी नहीं की गई, तो पटेल समुदाय के बहुत सारे युवा अपना जीवन समाप्त कर लेंगे। सुसाइड नोट में कहा गया है, ‘मैं सरकार को जगाने के लिए अपनी बलिदान कर रहा रहा हूं, जो अभी तक गहरी नींद में डूबी है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि यदि आरक्षण नहीं दिया जाता है, तो पटेल समुदाय के और युवक अपना जीवन समाप्त कर देंगे। मैं वासोया से आरक्षण के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने और इसके लिए अपना जीवन होम करने में संकोच नहीं करने का अनुरोध करता हूं।’

किसान शानी ने अपने सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का उल्लेख करते हुए किसानों की दुर्दशा को दरकिनार करने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। शानी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पनेली गांव के दौरे पर आए थे, तब हमने लोगों को एकत्रित करने में उनकी मदद की थी। वह उस समय मुख्यमंत्री भी नहीं थे, लेकिन ‘साहेब’ ने आज हमें भुला दिया है।

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