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गुजरात में 71 दिनों में जारी किए गए 1.23 लाख मृत्यु प्रमाणपत्र, सरकारी आंकड़ों में कोरोना से केवल 4 हजार मौतें

गुजराती अख़बार में छपी रिपोर्ट के अनुसार इस साल 1मार्च से लेकर 10 मई के बीच राज्य में करीब 1.23 लाख डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए। जो पिछले साल से करीब 65,085 सर्टिफिकेट ज्यादा हैं।

गुजरात में 1 मार्च से लेकर 10 मई के बीच करीब 1.23 लाख डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए जबकि सरकार आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में सिर्फ 4,218 लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई है। (फोटो – पीटीआई)

देशभर में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच गुजरात से डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 1 मार्च से लेकर 10 मई के बीच करीब 71 दिनों में 1.23 लाख डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। जबकि सरकारी आंकड़ो में पिछले 71 दिनों में कोरोना से केवल 4 हजार मौतें ही दिखाई गई है।

दरअसल गुजराती अख़बार दिव्य भास्कर में छपी रिपोर्ट के अनुसार इस साल 1मार्च से लेकर 10 मई के बीच राज्य में करीब 1.23 लाख डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए। जो पिछले साल से करीब 65,085 सर्टिफिकेट ज्यादा हैं। पिछले साल इतने दिनों के अंदर करीब 58 हजार डेथ सर्टिफिकेट ही जारी किए गए थे। वहीं सरकार के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से लेकर 10 मई के बीच सिर्फ 4,218 लोगों की मौत कोरोना महामारी की वजह से हुई है।

अख़बार में गुजरात के सभी जिलों की तरफ से जारी डेथ सर्टिफिकेट का आंकड़ा भी पेश किया है। साथ ही अख़बार में जिलावार कोरोना के सरकारी आंकड़ों को दर्शाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अहमदाबाद में 1 मार्च से 10 मई के बीच 13,593 डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए जबकि पिछले साल सिर्फ 7,786 जारी किए गए थे। वहीं सरकारी आंकड़ों के अनुसार इतनी अवधि में इस साल सिर्फ 2,126 लोगों की मौत कोरोना महामारी की वजह से हुई है।

इसके अलावा गुजरात के एक और बड़े शहर राजकोट में करीब 10,878 डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए। हालांकि सरकार के अनुसार इतने दिनों के अंदर सिर्फ 288 लोगों की मौत कोरोना महामारी की वजह से हुई। जबकि पिछले साल 1 मार्च से लेकर 10 मई के बीच सिर्फ 2,583 डेथ सर्टिफिकेट ही जारी किए गए थे। ऐसा ही मामला गुजरात के हर जिले में देखने को मिला है. गुजरात के बड़े शहरों में इस साल काफी बड़ी संख्या में डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। वडोदरा में भी करीब 7,722 डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए जबकि सरकारी आंकड़ों में कोरोना महामारी की वजह से सिर्फ 189 मौतें ही दिखाई गई हैं। 

 

दिव्य भास्कर की इस रिपोर्ट से सरकारी आंकड़ो पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। कईयों का मानना है कि सरकार जानबूझ कर कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा छिपा रही हैं। बता दें कि पिछले दिनों न्यूयार्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट में कहा गया था कि गुजरात सहित कई राज्यों में कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़ो में छेड़छाड़ की जा रही है। मिशिगन यूनिवर्सिटी में महामारी एक्सपर्ट भ्रमर मुखर्जी ने न्यूयार्क टाइम्स में लिखा था कि सरकारी आंकड़ों से करीब 5 गुना ज्यादा मौतें इस महामारी की वजह से हो रही है।

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