भारतीय नौसेना का एक ड्रोन (UAV) बुधवार दोपहर पोरबंदर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यूएवी नौसेना अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद गुजरात के पोरबंदर शहर के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। नौसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि घटना के कारण की जांच की जा रही है।

नौसेना ने कहा, ”आज दोपहर पोरबंदर नौसेना अड्डे के पास प्रशिक्षण उड़ान के दौरान ‘दृष्टि-10’ यूएवी दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मौके पर किसी के घायल होने या जानहानि की कोई खबर नहीं है। घटना के कारण की जांच की जा रही है।” पोरबंदर के जिलाधिकारी एसडी धनानी ने बताया कि यूएवी सौराष्ट्र क्षेत्र के तटीय शहर से लगभग 6 किलोमीटर दूर धरमपुर गांव के एक खुले मैदान में उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

यूएवी ने नौसेना अड्डे से उड़ान भरी थी

जिलाधिकारी धनानी ने संवाददाताओं को बताया, ”भारतीय नौसेना का एक यूएवी धर्मपुर गांव के पास उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। नौसेना के जवान मौके पर पहुंच गए हैं और जांच शुरू कर दी है।” अधिकारियों ने बताया कि यूएवी ने पोरबंदर के नौसेना हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी।

यूएवी के मलबे की जांच शुरू

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नौसेना का ड्रोन नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है जिसमें तकनीकी खराबी, प्रतिकूल मौसम या अन्य कोई कारण हो सकते हैं। तेज आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। घटना के बाद, भारतीय नौसेना, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। एहतियात के तौर पर, इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया और आम जनता को दुर्घटनास्थल से दूर रखने के लिए आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया।

नौसेना के तकनीकी विशेषज्ञों ने यूएवी के मलबे की जांच शुरू कर दी है। घटना का सटीक कारण जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई या किसी और वजह से। नौसेना ने फिलहाल जांच के शुरुआती नतीजों के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी है।

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भारत अब फिलीपींस और वियतनाम समेत तीन देशों को ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, भारत ब्रह्मोस (BrahMos) के निर्यात के लिए कम से कम आधा दर्जन अन्य देशों के साथ भी बातचीत कर रहा है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(इनपुट- पीटीआई/भाषा)