गुजरात को मिल गया नया CM: लो प्रोफाइल भूपेंद्र रजनीकांत पटेल क्यों कहे जाते हैं ‘दादा’? जानिए

पहली बार के विधायक भूपेंद्र पटेल ने नगर पालिका स्तर के नेता से लेकर प्रदेश की राजनीति में शीर्ष पद तक का सफर तय किया है।

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गुजरात के नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (फोटो- PTI)

भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को भूपेंद्र रजनीकांत पटेल को गुजरात का नया मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया। भूपेंद्र रजनीकांत पटेल पाटीदार समुदाय से संबंध रखते हैं और दादा भगवान के भक्त हैं। यही कारण है कि वो अपने लोगों के बीच दादा के नाम से जाने जाते हैं। पटेल को ईश्वरभक्त और धार्मिक स्वभाव का भी माना जाता है।

पटेल सोमवार को शपथ लेने जा रहे हैं। पहली बार के विधायक भूपेंद्र पटेल ने नगर पालिका स्तर के नेता से लेकर प्रदेश की राजनीति में शीर्ष पद तक का सफर तय किया है। वो मुख्यमंत्री के रूप में विजय रूपाणी की जगह लेंगे। शनिवार को रूपाणी के आकस्मिक इस्तीफे के बाद पाटीदार समुदाय के कुछ नेताओं का नाम उनके उत्तराधिकारी के रूप में चल रहा था, लेकिन अचानक से भूपेंद्र पटेल का नाम सामने आया जिनकी कहीं कोई चर्चा नहीं थी। कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि भाजपा ने हाल में कम लोकप्रिय नेताओं को राज्यों का मुख्यमंत्री बनाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्यों में नये नेतृत्व को खड़ा करना चाहती है और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी भी इसका उदहारण हैं।

पटेल ने 2017 में पहली बार राज्य की घाटलोडिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और 1.17 लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की, जो उस चुनाव में एक रिकॉर्ड था। उनकी छवि मृदुभाषी नेता की है। अपने समर्थकों के बीच ‘दादा’ के नाम से पुकारे जाने वाले पटेल को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री तथा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का करीबी माना जाता है। वह जिस विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं, वो गांधीनगर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सांसद हैं।

पटेल 2015 से 2017 तक अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण (एयूडीए) के अध्यक्ष रह चुके हैं। इससे पहले वह 2010 से 2015 तक गुजरात के सबसे बड़े शहरी निकाय अहमदाबाद नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे थे। पटेल को करीब से जानने वाले लोग उन्हें जमीन से जुड़ा नेता बताते हैं, जो लोगों से चेहरे पर मुस्कान के साथ मिलते हैं। सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाले पटेल विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले स्थानीय राजनीति में सक्रिय थे और अहमदाबाद जिले की मेमनगर नगरपालिका के सदस्य रहे और दो बार इसके अध्यक्ष बने।

वह पाटीदार समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास को समर्पित संगठन सरदारधाम विश्व पाटीदार केंद्र के न्यासी भी हैं। अहमदाबाद में जन्मे पटेल ने दुनिया के अनेक हिस्सों का दौरा किया है। उनकी पत्नी हेतलबेन गृहिणी हैं। पटेल के एक सहयोगी के अनुसार उन्हेंआध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेना अच्छा लगता है और उन्हें क्रिकेट तथा बैडमिंटन पसंद हैं। गांधीनगर में भाजपा मुख्यालय कमलम में नेता के चयन के लिए भाजपा विधायकों की बैठक से पहले पटेल को रविवार सुबह अपने विधानसभा क्षेत्र में पौधरोपण करते हुए देखा गया था।

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