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गुजरात चुनाव: प्रोटोकॉल तोड़कर मिले मनमोहन सिंह, बुजुर्ग ने थमा दी घोटालों की लिस्ट

मनमोहन सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एक बुजुर्ग से मुलाकात की, लेकिन उस बुजुर्ग ने उन्हें यूपीए सरकार के वक्त हुए घोटालों की लिस्ट थमा दी।

प्रोटोकॉल तोड़कर मिले मनमोहन सिंह, बुजुर्ग ने थमा दी घोटालों की लिस्ट (स्क्रीनशॉट/यूट्यूब)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान अपने संबोधन में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से जुड़ी एक घटना शुक्रवार को सांझा की। पीएम मोदी ने राजकोट में हुई उस घटना के बारे में लोगों को बताया जहां मनमोहन सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एक बुजुर्ग से मुलाकात की, लेकिन उस बुजुर्ग ने उन्हें यूपीए सरकार के वक्त हुए घोटालों की लिस्ट थमा दी। पीएम ने अपने संबोधन में कहा, ‘क्या आप लोगों को पता है कि राजकोट में क्या हुआ था? डॉ. मनमोहन सिंह ने मीडिया से बात की और उसके बाद वह मनसुक काका से भी मिले। काका ने उन्हें यूपीए सरकार के दौरान हुए घोटलों की लिस्ट थमा दी। मैं उन्हें बधाई देना चाहता हूं, क्योंकि उन्होंने ईमानदार सरकार के लिए सच कहा।’ पीएम मोदी ने इस घटना की जिक्र कलोल की रैली में किया।

दरअसल गुजरात चुनाव के प्रचार के सिलसिले में मनमोहन सिंह राजकोट में थे, जहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद एक बुजुर्ग प्रोटोकॉल तोड़ते हुए मनमोहन सिंह से मिलने पहुंच गया। मनमोहन सिंह उस वक्त एसपीजी की सुरक्षा घेरे में थे, लेकिन बुजुर्ग सुरक्षा तोड़ते हुए उनसे मिलने पहुंच गया। पहले तो पूर्व पीएम ने बुजुर्ग की बात बहुत ध्यान से सुनी, फिर बाद में उसके आगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए। उस वक्त किसी को कुछ पता नहीं चला कि बुजुर्ग शख्स ने क्या कह दिया, लेकिन बाद में मीडिया उस व्यक्ति से बात करने पहुंची, तब पता चला कि बुजुर्ग शख्स यूपीए के घोटालों की लिस्ट लेकर मनमोहन से मिलने गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक मनसुखभाई ने मनमोहन सिंह से कहा कि उनके कार्यकाल में 20 लाख का घोटाला हुआ था, ऐसे में कांग्रेस को क्यों वोट दिया जाए। इसके अलावा यह बात भी सामने आई कि मनसुखभाई पिछले कई सालों तक कांग्रेस से जुड़े थे, लेकिन घोटालों से नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।

बता दें कि शुक्रवार को पीएम मोदी ने मणिशंकर अय्यर के ‘नीच’ वाले बयान को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने केवल कल ही पहली बार मुझे नीच नहीं कहा है, बल्कि सोनिया गांधी और उनके परिवार के सदस्यों ने इससे पहले भी मेरे लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है। मैं नीच क्यों हूं… क्योंकि मैं गरीब परिवार में पैदा हुआ, क्योंकि मैं नीची जाती का हूं… क्योंकि मैं एक गुजराती हूं? क्या इसलिए वे लोग मेरे से नफरत करते हैं? आनंद शर्मा ने भी कहा था कि पीएम का दिमाग स्थिर नहीं है। एक कांग्रेस ने ऐसा ट्वीट रिट्वीट किया जिसके बारे में मैं बात भी नहीं कर सकता। दिग्विजय सिंह ने मेरे बारे में क्या ट्वीट किया था? आखिरकार एक गुजराती ने, एक गरीब परिवार के व्यक्ति ने उनको काफी परेशान किया है।’

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