गुजरात CM का इस्तीफाः म्यांमार में जन्में विजय रूपाणी बेटे की मौत के बाद छोड़ना चाहते थे सियासत, RSS से भी है कनेक्शन; ऐसी है कहानी

केशुभाई पटेल के मुख्यमंत्री रहने के दौरान रूपाणी को चुनावी घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने 2007 तथा 2012 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को सौराष्ट्र इलाके में काफी सीटों पर जीत दिलायी थी। साल 2006 से 2012 तक वो राज्यसभा सांसद भी रहे।

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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पद छोड़ दिया है। आनंदीबेन पटेल के बाद उन्हें राज्य की कमान दी गयी थी। विजय रूपाणी को अमित शाह का करीबी माना जाता रहा है। बनिया-जैन समुदाय से आने वाले रूपाणी का जन्म म्यांमार में हुआ था। आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था लगभग डेढ़ दशक पहले बेटे की मौत के कारण वो राजनीति को छोड़ना चाहते थे।

केशुभाई पटेल के मुख्यमंत्री रहने के दौरान रूपाणी को चुनावी घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने 2007 तथा 2012 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को सौराष्ट्र इलाके में काफी सीटों पर जीत दिलायी थी। साल 2006 से 2012 तक वो राज्यसभा सांसद भी रहे। 1971 में जनसंघ से जुड़ने वाले रूपाणी ने एबीवीपी के साथ अपनी राजनीति की शुरुआत की थी।

बताते चलें कि रूपाणी ने अपने पद से आज इस्तीफा दे दिया। भाजपा के संगठन मंत्री बीएल संतोष कल गुजरात पहुंचे थे। इसके बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि वह इस्तीफा दे सकते हैं। राज्यपाल से मिलने के बाद खुद रूपाणी ने इस्तीफे का ऐलान किया। बता दें कि 2022 में गुजरात में विधानसभा का चुनाव होना है।

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गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिलकर रूपाणी ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा देने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए रुपाणी ने कहा, ‘मैं भारतीय जनता पार्टी के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं कि मेरे जैसे एक कार्यकर्ता को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी। इस दायित्व को अच्छी तरह से निभाते हुए मेरे कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का विशेष मार्गदर्शन मिलता रहा है। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में गुजरात ने नए आयाम छुए हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे गुजरात के लिए जो कुछ करने का अवसर मिला उसके लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री जी का आभारी हूं। अब नए नेतृत्व में यह यात्रा आगे बढ़नी चाहिए। यह ध्यान में रखकर मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है। भाजपा की परंपरा रही है कि समय के साथ कार्यकर्ताओं के दायित्व बदलते रहते हैं। जो दायित्व पार्टी द्वारा दिया जाता है पूरे मनोयोग से कार्यकर्ता उसका निर्वहन करते हैं।’

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