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Gujarat Budget 2018: गौशालाओं के लिए 44 करोड़, युवाओं को ट्रेनिंग के साथ मिलेंगे 3 हजार रुपये

Gujarat Budget 2018-19 Highlights (गुजरात बजट २०१८): बजट में अगले साल विभिन्‍न विभागों में लगभग 30,000 नई नौकरियां सृजित करने का लक्ष्‍य रखा गया है। इसके अलावा गुजरात में स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र के लिए 7,950 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं।

Gujarat Budget 2018 Highlights: मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी और वित्‍त मंत्री नितिन पटेल।

Gujarat Budget 2018 Highlights: गुजरात विधानसभा में मंगलवार (20 फरवरी) को वित्‍त वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया जा रहा है। वित्‍त मंत्रालय संभाल रहे उप-मुख्‍यमंत्री नितिन पटेल सदन में बजट पेश कर रहे हैं। गुजरात विधानसभा का बजट सत्र 19 फरवरी को शुरू हुआ था और 19 फरवरी को खत्‍म होगा। नितिन पटेल ने कहा कि हमारी सरकार की नीतियां और विकास एक ही सिक्‍के के दो पहलू हैं। भाजपा सरकार ने इस बजट में अगले साल विभिन्‍न विभागों में लगभग 30,000 नई नौकरियां सृजित करने का लक्ष्‍य रखा गया है। इसके अलावा गुजरात में स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र के लिए 7,950 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। नितिन पटेल के अनुसार, वित्‍त वर्ष 2016-17 में गुजरात का राजस्व अधिशेष बढ़कर 5,946 करोड़ रुपये हो गया। वित्‍त वर्ष 2015-16 में यह 1,704 करोड़ रुपये था।

मां वात्‍सल्‍य योजना के तहत गुजरात के वरिष्‍ठ नागरिकों को लाभ पहुंचाया जाएगा। वित्‍त मंत्री के अनुसार, गुजरात के युवाओं के रोजगार और स्‍वरोजगार की संभावनाएं बनाने के लिए 785 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे करीब साढ़े तीन लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बजट से जुड़ी सभी अपडेट्स आप यहां पढ़ सकते हैं।

Gujarat Budget 2018 Highlights:

– अहमदाबाद में विकास के लिए 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से 100 करोड़ केवल पिराणा डंपिंग साइट पर बॉयो-मायनिंग प्रोजेक्‍ट्स के लिए दिए गए हैं।

– गौशाला और पंजरापोल्‍स के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 44 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। स्‍टेट टॉक्सिकोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर के लिए 2 करोड़ रुपये। मेडिकल कॉलेजों में वर्चुअल क्‍लासरूम लगाने के लिए 2 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं।

– भूमि एवं जल संरक्षण तथा सलाइन व एल्‍केलाइन जमीन में सुधार के लिए नितिन पटेल ने 548 करोड़ रुपये निर्धारित किये हैं। वित्‍त वर्ष 2016-17 में राज्‍य का वित्‍तीय घाटा जीएसडीपी (राज्‍य का सकल घरेलू उत्‍पाद) का 1.42 फीसदी रह गया है। पिछले वित्‍त वर्ष (2015-16) में यह जीएसडीपी का 2.25 प्रतिशत था।

– फसल कर्ज पर शून्‍य ब्‍याज के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 12 मिल्‍च पशु फार्म बनाने के लिए 3 लाख रुपये प्रति फार्म के हिसाब से सरकार ने धन आवंटित किया है। इसके अलावा कृषि, किसान कल्‍याण और सहकारी विभाग के लिए 6,755 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

– मुख्‍यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना की घोषणा। इसके तहत युवाओं को ट्रेनिंग के साथ प्रतिमाह 3,000 रुपये दिए जाएंगे। सानंद में सफल पायलट प्रोजेक्‍ट के बाद फसलों की रक्षा के लिए चार नए ई-रेडिएशन प्‍लांट्स लगाने की घोषणा की गई है।

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