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2017 की तैयारी: निर्विवाद और सबसे ताकतवर विजय रूपानी बने गुजरात भाजपा अध्‍यक्ष, शुभ मुहूर्त में हुई घोषणा

पिछले हफ्ते तक शिक्षा मंत्री भूपेंद्र चूड़ासमा का नाम पद की दौड़ में सबसे आगे था, लेकिन गुजरात में 2017 विधानसभा चुनावों के मद्देनजर रूपानी को कमान सौंपी गई है।

Author अहमदाबाद | February 19, 2016 9:18 PM
गुजरात बीजेपी के अध्‍यक्ष चुने गए विजय रूपानी (दाएं)।

भाजपा नेता और गुजरात के श्रम-रोजगार एवं जलापूर्ति मंत्री विजय रूपानी को शुक्रवार को गुजरात भाजपा अध्‍यक्ष बना दिया गया। रूपानी का नाम इस पद के लिए लगभग तय था, लेकिन इसकी घोषणा शुभ मुहूर्त के चलते शुक्रवार दोपहर 12.39 की गई है। पिछले हफ्ते तक शिक्षा मंत्री भूपेंद्र चूड़ासमा का नाम पद की दौड़ में सबसे आगे था, लेकिन गुजरात में 2017 विधानसभा चुनावों के मद्देनजर रूपानी को कमान सौंपी गई है। रूपानी राजकोट से विधायक हैं और इससे पहले भाजपा महासचिव और राज्‍यसभा सांसद रह चुके हैं। उन्‍हें पीएम नरेंद्र मोदी का करीबी भी माना जाता है। आइए जानते हैं रूपानी के बारे में 10 खास बातें

1- मुख्‍यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने पिछले साल अपने पहले मंत्रिमंडल विस्‍तार में विजय रूपानी को ट्रांसपोर्ट, वाटर सप्‍लाई, श्रम एवं रोजगार जैसे विभागों का जिम्‍मा सौंपा था। राजनीतिक विश्‍लेषकों ने उस वक्‍त कहा था कि वियज रूपानी कभी भी आनंदी बेन पटेल के लिए चुनौती बनकर उभर सकते हैं। यह बात अब काफी हद तक सही भी साबित हो सकती है। अमित शाह और नरेंद्र मोदी दोनों के बेहद करीबी माने जाने वाले विजय रूपानी 2017 विधानसभा चुनाव को ध्‍यान में रखते हुए पार्टी अध्‍यक्ष चुने गए हैं।

2- विजय रूपानी के बारे में यह भी माना जाता है कि उनके बीजेपी के सभी मुख्‍यमंत्रियों से अच्‍छे रिश्‍तों हैं। केशुभाई पटेल के जमाने में पार्टी ने उन्‍हें मेनिफेस्‍टो कमेटी का अध्‍यक्ष बनाया था, लेकिन उस वक्‍त भी उनके नरेंद्र मोदी के साथ काफी अच्‍छे रिश्‍ते थे।

3- उनकी छवि कार्यकर्ताओं से बेहद सलीके के साथ काम लेने वाले नेता की है। उनकी प्रशासनिक क्षमता से अमित शाह और नरेंद्र मोदी भी प्रभावित हैं।

4- विजय रूपानी सौराष्‍ट्र रीजन से आते हैं, जहां जैन बनिया समुदाय काफी बड़ी संख्‍या में है।

5- 60 वर्ष के विजय रूपानी गुजरात बीजेपी के 10वें अध्‍यक्ष के तौर पर पद संभाल रहे हैं। रूपानी ने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में सौराष्‍ट्र-कच्‍छ इलाके में काफी अच्‍छा चुनावी मैनेजमेंट किया था।

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