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ब्राह्मण था संविधान का मसौदा तैयार करने वाला शख्स, अधिकांश भारतीय Nobel विजेता भी ब्राह्मण; गुजरात स्पीकर बोले

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने कहा, "इतिहास बताता है कि ब्राह्मण हमेशा दूसरों को आगे बढ़ाते हैं। यह राव ही थे जिन्होंने अंबेडकर को अपने से आगे रखा। हमें अंबेडकर पर गर्व है क्योंकि उन्होंने 25 नवंबर,1949 को संविधान सभा में अपने भाषण में इसे कबूल किया।"

Author अहमदाबाद | Updated: January 4, 2020 8:58 AM
गुजरात विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने शुक्रवार (4 जनवरी) को दावा किया कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने संविधान का मसौदा तैयार करने का श्रेय बीएन राव को दिया था जो एक ब्राह्मण थे। उन्होंने दूसरे विशाल ब्राह्मण कारोबारी सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर यह भी दावा किया कि अभिजीत बनर्जी समेत नौ भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेताओं में से आठ ब्राह्मण हैं। यह सम्मेलन अहमदाबाद के पास अडलाज में हो रहा है। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मौजूद थे।

क्या बोले गुजरात के स्पीकर: स्वयं ब्राह्मण राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा, ‘‘क्या आपको पता है कि 60 देशों के संविधानों का अध्ययन किया गया और फिर संविधान का मसौदा तैयार किया गया। क्या आपको मालूम है कि किसने डॉ बीआर अंबेडकर को मसौदा दिया? जब भी संविधान की बात आती है तो हम सभी सम्मान के साथ अंबेडकर का नाम लेते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उनके (अंबेडकर के) अपने ही शब्दों में मसौदा बीएन राव- बंगाल नरसिंह राव (ब्राह्मण) ने तैयार किया।’’

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ब्राह्मण हमेशा दूसरों को आगे बढ़ाते हैं: त्रिवेदी ने कहा, ‘‘इतिहास बताता है कि ब्राह्मण हमेशा दूसरों को आगे बढ़ाते हैं। यह राव ही थे जिन्होंने अंबेडकर को अपने से आगे रखा। हमें अंबेडकर पर गर्व है क्योंकि उन्होंने 25 नवंबर,1949 को संविधान सभा में अपने भाषण में इसे कबूल किया।’’ विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘और मैं उनको ही उद्धृत करता हूं ‘‘जो श्रेय मुझे दिया गया है, वह वाकई मेरा है ही नहीं। यह बीएन राव का है।’’

नोबेल विजेता पर कही यह बात: उन्होंने कहा कि भारत के आठ नोबेल पुरस्कार विजेताओं में से सात ब्राह्मण हैं। क्या किसी को नौवें नोबेल पुरस्कार प्राप्तकर्ता का नाम याद है? अभिजीत बनर्जी को मिला। अभिजीत बनर्जी का मतलब ब्राह्मण है। इसके बाद इस कार्यक्रम के आयोजकों ने सीएए और एनआरसी के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान सीएम विजय रूपानी ने कहा कि गुजरात में भाजपा की नींव तीन ब्राह्मणों (चिमनभाई शुक्ला, सूर्यकांत आचार्य और अशोक भट्ट) ने रखी थी। ब्राह्मण समुदाय ने हमेशा राष्ट्रीय हित की बात की है और इस वजह से यह समुदाय बीजेपी और आरएसएस के साथ जुड़ गया है।

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