केंद्र सरकार ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दी। इसके तहत एजेंसी के लिए 1,200 से अधिक अतिरिक्त जांचकर्ताओं और कर्मचारियों की नियुक्ति को स्वीकृत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने 15 सालों के बाद एजेंसी के बहुप्रतीक्षित कैडर पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है जिससे कर्मचारियों की संख्या में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी। इसके बाद अब ईडी कर्मियों की संख्या 2,029 से बढ़कर 3,256 हो जाएगी।

मंत्रालय ने कार्यपालिका, कानून और न्यायिक विभागों सहित छह विभागों में ईडी कर्मियों की संख्या में 1,227 की वृद्धि की है। अधिकारियों ने बताया कि इस कुल संख्या में से 803 अतिरिक्त अधिकारियों को सहायक प्रवर्तन अधिकारी, 606 को प्रवर्तन अधिकारी और 531 को सहायक प्रवर्तन निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है।

ईडी का पिछला कैडर पुनर्गठन साल 2011 में हुआ था

ईडी का पिछला कैडर पुनर्गठन साल 2011 में हुआ था। आंकड़ों से पता चलता है कि ईडी के मामलों, साइबर अपराध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्रिप्टोकरेंसी सहित जटिल जांचों और प्रवर्तन कार्रवाइयों की संख्या वर्षों से लगातार बढ़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 वित्तीय वर्ष के दौरान पीएमएलए के तहत एजेंसी द्वारा की गई तलाशी या छापेमारी की संख्या लगभग दोगुनी होकर 2,892 हो गई। उसी वर्ष इसने संपत्तियों की अब तक की सबसे अधिक अस्थायी कुर्की भी की जो 81,422 करोड़ रुपये तक थी।

एजेंसी ने वित्त वर्ष 2025 के दौरान 461 अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए थे जिनमें 30,036 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। छापेमारी की संख्या वित्त वर्ष 2025-26 में दोगुनी हो गई जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 1,491 थी। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान 812 आरोपपत्र दाखिल किए जबकि पिछले वर्ष अदालतों में 457 शिकायतें दर्ज की गई थीं।

ईडी अधिकारियों पर पथराव

वहीं, दूसरी ओर केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी की कंपनी और एक रेत खनन कंपनी के बीच वित्तीय लेन-देन से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों के दौरान ईडी के अधिकारियों पर बुधवार को हमला किया गया। छापेमारी के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। ईडी अधिकारियों द्वारा छापेमारी पूरी करने और परिसर छोड़ने के बाद विजयन के आवास के बाहर हिंसा भड़क उठी। विजयन के आवास के बाहर संदिग्ध माकपा कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों को ले जा रहे वाहन समेत तीन वाहनों पर हमला किया जबकि पुलिस हिंसक भीड़ को रोकने में नाकाम रही। वाहन में एक महिला समेत ईडी के छह अधिकारी सवार थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(इनपुट- पीटीआई)