रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद जवानों की जानकारी छिपाने के आरोपों पर बयान जारी किया है। मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही कुछ रिपोर्ट्स में गलत तरीके से यह कहा गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान छह बहादुर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को हाल ही में पहली बार मान्यता दी गई या लोगों के सामने लाया गया।

जानकारी दे दें कि कांग्रेस ने सरकार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर शहीद जवानों की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था।

11 मई को दी गई थी श्रद्धांजलि- रक्षा मंत्रालय

आगे रक्षा मंत्रालय ने कहा, “यह स्पष्ट किया जाता है कि देश ने उन खबरों के आने से काफी पहले ही, सबसे पहले मौका मिलते ही इन शहीद नायकों को श्रद्धांजलि दी थी। 11 मई 2025 को हुई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, तत्कालीन डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) ने इन बहादुर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और खास तौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ड्यूटी निभाते हुए उनके बलिदान को याद किया।”

आगे कहा,”इन बहादुरों को वीरता पुरस्कार दिए गए और इसकी जानकारी 14 अगस्त 2025 की प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। यह भारतीय रक्षा बलों की सर्वोच्च परंपराओं के मुताबिक उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान को औपचारिक और राष्ट्रीय मान्यता देने जैसा था। साथ ही, भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना किसी देरी के इन बहादुरों को श्रद्धांजलि दी गई।”

रक्षा मंत्रालय ने कहा, “देश इन नायकों को लगातार सम्मान देता रहा है। 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित आर्मी डे परेड के दौरान, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) ने इनमें से तीन बहादुर सैनिकों के परिवारों को सेना मेडल (वीरता) प्रदान किया, जबकि चीफ ऑफ एयर स्टाफ ने 08 अक्टूबर 2025 को एक गरिमापूर्ण समारोह में ऐसा ही किया।”

शहीद सैनिकों के नाम स्पष्ट प्रोटोकॉल के तहत की जाती है- मंत्रालय

नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद सैनिकों के नाम उकेरने के बारे में, इस बात पर जोर दिया जाता है कि यह प्रक्रिया एक स्थापित और स्पष्ट प्रोटोकॉल के तहत की जाती है। रक्षा बल इन तय प्रक्रियाओं का पूरी सावधानी, ध्यान और सम्मान के साथ पालन करते हैं, जो दिए जा रहे सम्मान की गंभीरता को ध्यान में रखकर होता है। ऐसे में यह कहना कि सही नहीं है कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

आगे अफसोस जातते हुए मंत्रालय ने कहा, “यह अफसोस की बात है कि इस मुद्दे पर एक ऐसी बहस छिड़ गई है जिसे टाला जा सकता था और जिसका कोई आधार नहीं है। ऐसी बातें न सिर्फ तथ्यों को गलत तरीके से पेश करती हैं, बल्कि शोक में डूबे परिवारों को बेवजह दुख पहुँचाने और देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वालों के सम्मान को कम करने का जोखिम भी पैदा करती हैं।”

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कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान छह जवानों के बलिदान के बारे में जानकारी छिपाकर सैनिकों का अपमान किया गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस विषय पर देश की संसद को भी गुमराह किया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें