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60 चीनी व‍िशेषज्ञों के ल‍िए जारी हुआ ‘भारत छोड़ो’ नोट‍िस, कोर्ट पहुंची कंपनी

कंपनी की मोबाइल बनाने वाली यूनिट दमन तथा सिलवासा में स्थित है। इसके अधिकतर शेयर होल्डर हांगकांग के रहने वाले हैं।

Author Updated: December 20, 2018 12:44 PM
बाम्बे हाईकोर्ट (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित एक मोबाइल फोन निर्माता कंपनी बुधवार को बाॅम्बे हाईकोर्ट पहुंची और अपने यहां काम कर रहे 60 चीनी विशेषज्ञों के लिए जारी ‘भारत छोड़ो’ नोटिस को चुनौती दी। ये चीनी विशेषज्ञ कंपनी के दमन और सिलवासा स्थित प्लांट में निरीक्षण करने जाते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 4 दिसंबर को  फॉरेनर रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के कर्मचारियों ने प्लांट का औचक निरीक्षण किया और कथित तौर पर बिजनेस वीजा शर्त को तोड़ने के आरोप में 15 दिसंबर को नोटिस जारी किया था। कंपनी ने इस नोटिस को न सिर्फ कठोर करार दिया, बल्कि इसे अन्यायपूर्ण और मनमानी भी बताया।

कंपनी के अनुसार, जिस तरह से एफआरआरओ द्वारा कार्रवाई की गई है, वह समानता और व्यापार के अधिकार का उल्लंघन है क्योंकि विशेषज्ञों द्वारा टेक्निकल गाइडेंस के इस तरह के दौरे पिछले दो सालों में उद्योगों के जरूरी मानदंड बन गए हैं। कंपनी के वकील नुशेर कोहली बाॅम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस बीपी धर्माधिकारी और सारंग कोटवाल की बेंच के समक्ष उपस्थित हुए और इसकी सुनवाई क्रिसमस की छुट्टियों से पहले करने की अपील की। उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि चीनी विशेषज्ञों को तत्काल भारत छोड़ने को कहा गया है। उन्होंने कहा, “वीजा की वैधता रहने के बावजूद कम से कम छह विशेषज्ञ वापस लौट चुके हैं।” बेंच ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए शुक्रवार को सुनवाई की तारीख तय की है।

कोहली ने बताया, “चीनी विशेषज्ञ बिजनेस विजा के आधार पर पैसिफिक साइबर टेक्नोलॉजी के प्लॉट का निरीक्षण करते हैं। कंपनी और विशेषज्ञों की बात सुने बिना ही 60 चीनी विशेषज्ञों को भारत छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया गया।” कंपनी ने बताया, चीनी नागरिकों को कंपनी के ज्वाइंट वेंचर पार्टनर, विदेशें में इसके ग्राहक और सप्लायर द्वारा भेजा गया था। अपनी याचिका के माध्यम से कहा कि इस प्लांट को इंफॉर्मेशन एंड इलेक्ट्रोनिक्स मिनिस्ट्री द्वारा विशेष प्रोत्साहन पैकेज भी मिला है। यहां सरकार की मेक इन इंडिया योजना को बढ़ावा देने तहत मोबइल फोन बनाया जाता है।

सभी चीनी विशेषज्ञ करीब 180 दिनों के बिजनेस वीजा पर यहां आए थे। किसी का विजा 20 दिसंबर तो किसी को 27 दिसंबर तक वैध है। कुछ का वीजा मई 2019 तक वैध है। लेकिन 15 नवंबर को एफआरआरओ द्वारा नोटिस जारी कर दिया गया। इस नोटिस में यह कहा गया है, “4 दिसंबर को M/s Pacific Cyber technology Pvt Ltd में ये लोग जारी बी 1 वीजा के नियम व शर्तों का उल्लंघन कर मशीन पर काम करते पाए गए।”

दादर व नगर हवेली के एफआरआरओ ऑफिसर ने आगे कहा, “आप सभी ने बी वीजा के नियम व शर्तों का उल्लंघन किया है। इसलिए तत्काल भारत छोड़ने का निर्देश दिया जाता है। ऐसा नहीं करने पर विदेशी अधिनियम और नियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।” बता दे कि कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस मुंबई में है और इसका मोबाइल बनाने वाली यूनिट दमन तथा सिलवासा में स्थित है। इसके अधिकतर शेयर होल्डर हांगकांग के रहने वाले हैं। पिछले सात महीनों में कंपनी ने करीब 55 लाख यूनिट फोन का निर्माण किया है।

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