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चीनी डेटा कंपनी निगरानी मामले में केंद्र ने गठित की जांच समिति, विदेश मंत्रालय चीन के समक्ष उठाया मुद्दा

केंद्र सरकार भारतीय नागरिकों के व्यक्ति डेटा और निजता की सुरक्षा के मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है। विदेश मंत्रालय की तरफ से इस मुद्दे को चीन के समक्ष उठाए जाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को भी जानकारी दी।

chinese data firm, GOI, Zhenhua data leak, National Cyber Security Coordinator,विदेश मंत्री ने चीनी राजदूत को भारत की चिंताओं से अवगत कराया। (फाइल फोटो)

चीन की फर्म झेन्हुआ डेटा इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी द्वारा 10 हजार से अधिक भारतीय लोगों की निगरानी से जुड़े मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को समिति का गठन किया। यह समिति नेशनल साइबर सिक्योरिटी कोऑर्डिनेटर के तहत देश के प्रमुख राजनेताओं समेत अन्य लोगों की निगरानी मामले की जांच करेगी।

दूसरी तरफ विदेश मंत्रालय की तरफ से इस मुद्दे को भारत में चीनी राजदूत के समक्ष भी उठाया। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। विशेषज्ञों का समूह इंडियन एक्सप्रेस में छपी इस रिपोर्ट के प्रभाव के बारे में जांच करेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इसमें किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। समिति को 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार भारतीय नागरिकों के व्यक्ति डेटा और निजता की सुरक्षा के मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है।

विदेश मंत्रालय की तरफ से इस मुद्दे को चीन के समक्ष उठाए जाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को भी जानकारी दी। विदेश मंत्रालय की तरफ से इस मुद्दे को उठाए जाने पर चीन ने कहा कि झेन्हुआ एक प्राइवेट कंपनी है और अपनी स्थिति सार्वजनिक रूप से रख चुकी है।

राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के संगठन महासचिव वेणुगोपाल ने कहा कि वह एक चौंकाने वाली खबर की ओर ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की निजता से संबंधित है। उन्होंने कहा कि एक अंग्रेजी समाचार पत्र की एक खबर में कहा गया है कि चीन की सरकार और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी अपने विदेशी लक्ष्यों के वैश्विक डेटा बेस में 10,000 से अधिक भारतीय लोगों और संगठनों पर नजर रख रही है।

वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘यह बहुत चौंकाने वाला है… निगरानी में भारत के राष्ट्रपति, आप भारत के उपराष्ट्रपति भी, प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सहित विपक्षी नेताओं, मुख्यमंत्री, सांसद, सेना प्रमुख और उद्योगपति शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि चीनी कंपनी ने प्रमुख पदों पर आसीन नौकरशाहों, न्यायाधीशों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, पत्रकारों, अभिनेताओं, खिलाड़ियों, धार्मिक हस्तियों और कार्यकर्ताओं के आंकड़े भी एकत्र किए हैं।

राजीव सातव ने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक चीनी कंपनी प्रमुख लोगों की जासूसी कैसे कर सकती है।

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