तमिलनाडु में विजय के मुख्यमंत्री पद को लेकर शपथ ग्रहण समारोह में हो रही देरी को सीनियर अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सही नहीं उचित नहीं ठहराया है। मुकुल रोहतगी ने तमिलनाडु के राज्यपाल के रुख को असंवैधानिक बताया है। मुकुल रोहतगी ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी के नेता विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जानी चाहिए और फिर विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए।

मुकुल रोहतगी ने NDTV से बात करते हुए कहा कि संविधान के अनुसार पहले फ्लोर टेस्ट होता है, न कि राज्यपाल के सामने पहले से बहुमत साबित करना। रोहतगी ने जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए जल्द फैसला लेने की मांग की।

अभिनेता विजय की सिनेमा जगत से मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा को शुक्रवार को एक बार फिर झटका लगा। जब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कगम ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे फिलहाल विजय की दो साल पुरानी पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कषगम को अगली तमिलनाडु सरकार बनाने में समर्थन नहीं देंगे। पिछले महीने हुए चुनाव में आईयूएमएल और एएमएमके ने मिलकर तीन सीटें जीतीं। इनमें से दो सीटें- जिनके बारे में विजय की टीवीके ने दावा किया था कि उसे पेशकश की गई थीं।

दिनभर माहौल ऐसा था कि मानो बहुमत तय हो चुका हो, लेकिन देर शाम तक समीकरण बदलते चले गए और प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह को रोकना पड़ा। पूरे दिन टीवीके के नेता और समर्थक यह मानकर चल रहे थे कि पार्टी ने 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है।

कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई(एम) के समर्थन के साथ-साथ वीसीके और आईयूएमएल के भी साथ आने की उम्मीद जताई जा रही थी। इसी भरोसे पर विजय के पनैयूर स्थित घर के बाहर पटाखे तक फोड़े गए और पार्टी कार्यकर्ताओं ने शनिवार सुबह शपथ ग्रहण की तैयारियों की बात शुरू कर दी थी। लेकिन शाम होते-होते यह पूरा राजनीतिक गणित डगमगा गया।

राज्यपाल कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम की बैठक तक विजय के पास केवल 116 विधायकों का ही आधिकारिक समर्थन दर्ज था। यह संख्या बहुमत से कम थी।

इस देरी ने पूरे राजनीतिक माहौल में नई अटकलों को जन्म दे दिया। राजनीतिक गलियारों में पहले से ही अफवाहें तेज थीं, और अब वे और बढ़ गईं। बताया गया कि थिरुमावलवन ने शुक्रवार रात तक लगातार बैठकें कीं, जिनमें टीवीके, एआईएडीएमके के ई. पलानीस्वामी और डीएमके नेताओं से भी चर्चा शामिल थी।

‘विजय की पार्टी ने हमारे विधायक के समर्थन का फर्जी पत्र राज्यपाल को दिया…’, टीटीवी दिनाकरन का टीवीके पर आरोप

तमिलनाडु के चुनावी नतीजों के बाद वहां की राजनीति बदल चुकी है। अभिनेता से नेता बने विजय के शपथग्रहण पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को अभी तक विजय 117 विधायकों के नाम नहीं दे पाए हैं। पढ़ें पूरी खबर।