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भारत सरकार का बड़ा फैसला, नहीं दिखाए जाएंगे सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत

भारत सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े किसी भी सबूत को सार्वजनिक ना करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि सबूत सामने आने से पाकिस्तान आर्मी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

sanjay nirupam, congress, mumbai congress, surgical strike, surgical strike video, surgical strike india, surgical strike video india, surgical strike india and pakistan, surgical strike, video of surgical strike, surgical strike indian army, indian army surgical strike, surgical strike news, surgical strike video india27-28 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने पीओके में आतंकी लॉन्‍चपैड पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी। (फाइल फोटो)

भारत सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े किसी भी सबूत को सार्वजनिक ना करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि सबूत सामने आने से पाकिस्तान आर्मी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लेकिन सरकार ऐसा नहीं करना चाहती। इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस वक्त भारत युद्ध करने के समर्थन में बिल्कुल नहीं है। लेकिन अगर फिर भी युद्ध की स्थिति बनती है तो भारत लड़ने और जीतने दोनों के लिए तैयार है। सूत्र ने यह भी कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक को कूटनीतिक समर्थन भी मिला क्योंकि किसी भी देश ने भारत द्वारा उठाए गए कदम का विरोध नहीं किया। पाकिस्तान के सबसे करीबी माने जाने वाले चीन ने भी इस मामले में हाथ नहीं डाला। इसके अलावा बहुत से इस्लामिक देशों की तरफ से आने वाले बयान भी भारत के समर्थन में थे। सूत्र ने यह भी बताया कि 2017 की गणतंत्र दिवस समारोह में अबुधाबी के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहान को बुलाना भी कूटनीति का ही हिस्सा है।

वीडियो: स्पीड न्यूज

नहीं किया था अमेरिका को फोन: सूत्र ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कोई भी जानकारी यूएस को नहीं दी गई थी। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल और अमेरिकी सिक्योरिटी एडवाइजर के बीच हुई बातचीत भी किसी और मुद्दे को लेकर हुई थी। उसमें सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र नहीं किया गया था। बस इतना बताया गया था कि बॉर्डर पर कुछ गतिविधि हुई है। सूत्र से यूपीए सरकार के वक्त में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में भी सवाल पूछा गया। इसपर बताया गया कि कांग्रेस इस मुद्दे को इसलिए उठा रही है ताकि मौजूदा सरकार सर्जिकल स्ट्राइक का ज्यादा ‘फायदा’ ना उठा ले। सूत्र ने जीएसटी बिल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उसे भी काफी वक्त तक रोके रखा जबकि उसका प्रस्ताव कांग्रेस ही लाई थी।

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गौरतलब है कि 27-28 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने पीओके में आतंकी लॉन्‍चपैड पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी। इसमें बड़ी संख्‍या में आतंकी मारे गए थे। भारत की ओर से यह कार्रवाई उरी हमले के जवाब में की गई थी।

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