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कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रितों को सरकार देगी पेंशन, जानें क्या-क्या मिलेगा लाभ

ईएसआई एक्ट ऐसी सभी फैक्ट्रियों अथवा प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जहां पर दस अथवा दस से अधिक लोग काम करते हों। यह भी कि इन लोगों का  वेतन 21 हजार रुपए से ज्यादा न हो। विकलांगता की स्थिति में वेतन की सीमा 25 हजार रखी गई है।

कोविड-19 से मरने वाले एक व्यक्ति के रिश्तेदार श्रीनगर के श्मशान घाट में दाह संस्कार के दौरान शोक मनाते हुए (फोटो -AP)

केंद्र सरकार ने शनिवार को कोविड-19 के चलते जान गंवाने वालों के आश्रितों को पेंशन दिए जाने सहित कई अन्य सुविधाएं प्रदान किए जाने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि आश्रितों के लिए पेंशन के अलावा सरकार कोविड-19 से प्रभावित परिवारों के लिए  बीमा मुआवजा सुनिश्चित करेगी।

सरकार की तरफ से कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) योजना के तहत पेंशन कवरेज को उन सभी पंजीकृत आश्रितों के लिए बढ़ा दिया गया है जिनकी मृत्यु कोविड -19 के कारण हुई है। इसने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत पंजीकृत सदस्यों के लिए कर्मचारी जमा-लिंक्ड बीमा (EDLI) योजना के तहत बीमा लाभों के विस्तार की घोषणा को भी दोहराया गया है। ईएसआईसी पेंशन योजना के तहत लाभ उन लोगों को भी दिया जा रहा है जिनकी मृत्यु कोविड के कारण हुई है।

ऐसे व्यक्तियों के परिवार के सभी आश्रित सदस्य मौजूदा नियमों के अनुसार कर्मचारी द्वारा प्राप्त होने वाले औसत दैनिक वेतन के 90 प्रतिशत के बराबर पेंशन के पात्र होंगे। यह लाभ पिछले वर्ष 24 मार्च से 24 मार्च 2022 तक मिलेगा। श्रम मंत्रालय इस योजना पर विस्तृत दिशा-निर्देशों पर काम कर रहा है और आज सोमवार को इसे जारी होने की उम्मीद है।

अधिकारी ने कहा कि ईएसआईसी लाभों के लिए पात्रता शर्तों में यह मानदंड शामिल होने की संभावना है कि बीमा करवाया गया व्यक्ति को कोविड के इलाज से कम से कम तीन महीने पहले ईएसआईसी ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए। दूसरी कि बीमित व्यक्ति निश्चित तौर पर वेतन के लिए नियोजित होना चाहिए और मृतक बीमित व्यक्ति के संदर्भ में कोविड रोग की पुष्टि हुई हो, जिससे मौत हुई हो।

ईपीएफओ-ईडीएलआई का लाभ: ईपीएफओ-ईडीएलआई के तहत जैसा कि इस महीने की शुरुआत में घोषित किया गया था के अनुसार 6 लाख रुपए की अधिकतम राशि को बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दिया गया है। साथ ही 2.5 लाख रुपये के न्यूनतम बीमा लाभ का प्रावधान बहाल कर दिया गया है और यह पिछले साल 15 फरवरी से अगले तीन वर्षों के लिए पहले की तरह लागू होगा।

बताते चलें कि ईएसआई एक्ट ऐसी सभी फैक्ट्रियों अथवा प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जहां पर दस अथवा दस से अधिक लोग काम करते हों। यह भी कि इन लोगों का  वेतन 21 हजार रुपए से ज्यादा न हो। विकलांगता की स्थिति में वेतन की सीमा 25 हजार रखी गई है। यह कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधा और कैश बेनीफिट्स प्रदान करता है। इससे लाभान्वित होने वाले परिवारों की संख्या 3.49 करोड़ है और लाभ पाने वाले कुल सदस्यों की संख्या 13.56 करोड़ है।

वहीं ईपीएफओ 20 या अधिक कर्मचारियों वाले संगठनों को कवर करता है और कोई भी कर्मचारी जिसके पास ईपीएफ खाता है, वह स्वचालित रूप से ईडीएलआई योजना के लिए पात्र हो जाता है। ईडीएलआई योजना का प्रबंधन नियोक्ता द्वारा निधि में भुगतान किए गए मासिक वेतन के 0.5 प्रतिशत के योगदान के आधार पर किया जाता है और इसमें कोई कर्मचारी योगदान नहीं होता है। कर्मचारी द्वारा पंजीकृत नामांकित व्यक्ति योजना के तहत लाभ का दावा करने के लिए पात्र है।

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