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सरकार 100 कला क्षेत्रों के कलाकारों का मूल्यांकन करेगी, विजेता को मिलेंगे 10 लाख रुपये

इस योजना के तहत प्रत्येक विजेता को 10 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि दूसरे स्थान पर रहने वाले को पांच लाख रूपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले कलाकार को तीन लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

Author June 16, 2017 1:56 PM
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री महेश शर्मा (File Photo)

संस्कृति मंत्रालय एक पहल के तहत देशभर के कलाकारों का संग्रह तैयार करेगा, उनका मूल्यांकन करेगा और प्रतियोगिता आयोजित करेगा। विजेता कलाकारों को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी दी जाएगी। मंत्रालय, नेशनल मिशन ऑन कल्चरल मैपिंग ऑफ इंडियो कार्यक्रम के तहत कलाकारों और लेखकों की श्रेणी प्रणाली बनाएगा। 470 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत पूरे देश में कम से कम 100 कला क्षेत्रों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

प्रत्येक कला क्षेत्र में मंडल, जिला, राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विजेता बनने वाले कलाकारों को मंत्रालय 10 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान करेगा, जिसमें से दो लाख रुपये कलाकार के प्रशिक्षक अथवा गुरु को देना आवश्यक होगा।

संस्कृति सचिव एन के सिन्हा ने बताया, ”हम प्रत्येक ब्लॉक, प्रत्येक जिले में यह आयोजन करेंगे ताकि कलाकारों का डेटाबेस तैयार किया जा सके। प्रत्येक क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के विजेता को यह पुरस्कार राशि दी जाएगी।” उन्होंने कहा, ”हमने यह अनिवार्य प्रावधान भी बनाया है कि सभी विजेता कलाकार अपनी पुरस्कार राशि से दो लाख रुपये अपने गुरु को देंगे, ताकि गुरु को यह महसूस नहीं हो कि उन्हें गुरु दक्षिणा नहीं मिली है।”

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इस योजना के तहत प्रत्येक विजेता को 10 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि दूसरे स्थान पर रहने वाले को पांच लाख रूपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले कलाकार को तीन लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा पांच अन्य कलाकारों को चालीस-चालीस हजार रुपये दिये जाएंगे। इस प्रकार मंत्रालय कुल 20 करोड़ रुपये की योजना राशि के साथ 100 मान्यता प्राप्त कलाओं में से प्रत्येक क्षेत्र में 20 लाख रुपये के पुरस्कार वितरित करेगा।

यह योजना अगले तीन वर्ष में पूरी की जाएगी। योजना का उद्देश्य देश भर के करीब 100 कला क्षेत्रों के सभी कलाकारों का डेटाबेस तैयार करना है, जिसे एक पोर्टल में संग्रहित किया जाएगा।

बता दें कि विदेश के समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए वर्ष 2015 के मध्य में प्रायोगिक आधार पर शुरू किए गए इस योजना के तहत 185 कलाकारों को तीन श्रेणियों – ओ (आउटस्टैंडिंग), पी (प्रॉमिशिंग), डब्ल्यू (वेटिंग) में वर्गीकृत किया गया था।

मंत्रालय के नौकरशाहों और चयनित कलाकारों की एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति ने हाल ही में इन कलाकारों का मूल्यांकन किया था। कलाकार सांस्कृतिक संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) की वेबसाइट के जरिए भी मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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