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सरकार ने संसद में बताया, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई एक भी मौत

पवार ने बताया कि "स्वास्थ्य राज्य का विषय है और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश कोविड के मामलों और मौत की संख्या के बारे में केंद्र को नियमित सूचना देते हैं। किसी ने भी ऑक्सीजन के अभाव में जान जाने की सूचना नहीं दी है।"

श्रीनगर में कोरोना से मरने वाले परिजन के अंतिम संस्कार के दौरान लोग। (फाइल फोटोः पीटीआई)

केंद्र सरकार का दावा है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने मंगलवार को बताया कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से ऑक्सीजन के अभाव में किसी भी मरीज की मौत की खबर नहीं मिली है। एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने राज्यसभा में यह जानकारी दी।

उन्होंने यह भी बताया “कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई थी। महामारी की पहली लहर के दौरान, इस जीवन रक्षक गैस की मांग 3095 मीट्रिक टन थी जो दूसरी लहर के दौरान बढ़ कर करीब 9000 मीट्रिक टन हो गई।” उनसे पूछा गया था कि क्या दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।पवार ने बताया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश कोविड के मामलों और मौत की संख्या के बारे में केंद्र को नियमित सूचना देते हैं। उन्होंने बताया “केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड से मौत की सूचना देने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।”

उन्होंने कहा “इसके अनुसार, सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश नियमित रूप से केंद्र सरकार को कोविड के मामले और इसकी वजह से हुई मौत की संख्या के बारे में सूचना देते हैं। बहरहाल, किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने ऑक्सीजन के अभाव में किसी की भी जान जाने की खबर नहीं दी है।”

पीटीआई के मुताबिक सरकार ने कहा है कि “देश की एक तिहाई आबादी में एसएआरएस-सीओवी-2 एंटीबॉडी नहीं थी, जिसका मतलब है कि लगभग 40 करोड़ लोग अभी भी कोविड-19 संक्रमण की चपेट में हैं।

राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “जब सबको एक साथ काम करने की जरूरत है और राज्यों को इसका क्रियान्वयन करना है, उस समय हमने कभी नहीं कहा कि यह राज्य विफल रहा या उस राज्य ने ऐसा नहीं किया। मैं राजनीति नहीं करना चाहता, लेकिन कई राज्यों के पास टीकों की 10-15 लाख खुराकें हैं, मेरे पास आंकड़े हैं।” (पीटीआई इनपुट के साथ)

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