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किसान आंदोलन: सरकार बोली- दूसरा शाहीन बाग मत बनाइए, अन्नदाताओं की मांग- मोदी और शाह करें बात

हरियाणा के जींद में महापंचायत के दौरान दिल्ली में किसानों के प्रदर्शनस्थलों की किलेबंदी के मुद्दे पर टिकैत ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "जब कोई राजा डरा हुआ होता है, तो वह किलेबंदी कर लेता है।"

धरने पर बैठे किसान नेता (फोटो सोर्सः/@rakeshtikaitbku)

कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच गतिरोध जारी है। इस बीच संसद में भी इस मुद्दे पर कड़ी बहस जारी है। बुधवार को ही भाजपा ने राज्यसभा में कहा कि कृषि कानून संसद में लंबी बहस और चर्चा के बाद पास हुए हैं और विपक्षी पार्टियों को किसान आंदोलन को एक और शाहीन बाग नहीं बनाना चाहिए। भाजपा नेता भुवनेश्वर कलीता ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए कहा कि किसानों के साथ बातचीत और विवाद को सुलझाने के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं।

भाजपा की तरफ से क्यों आया शाहीन बाग का जिक्र?: गौरतलब है कि दिल्ली के सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर में पिछले दो महीने से ज्यादा समय से किसान जमे हैं। इनका नेतृत्व करने वाले कृषि संगठनों ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार से तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग की है। हालांकि, केंद्र सरकार ने कानूनों पर चर्चा और बदलाव को लेकर तो हामी भर दी है, पर इन्हें वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली में पिछले साल चार महीने तक आंदोलन चला था। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों ने शाहीन बाग के प्रदर्शनस्थल का घेराव कर लिया था।

महापंचायत में टिकैत ने दिखाई मजबूती: दूसरी तरफ हरियाणा के जींद में बुधवार को किसान नेताओं ने महापंचायत में हिस्सा लिया। मुजफ्फरनगर और बागपत के बाद पिछले एक हफ्ते में यह तीसरी बड़ी महापंचायत रही। यहां भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत ने अपील की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह खुद 40 सदस्यों वाले किसानों के डेलिगेशन से बातचीत करें।

बता दें कि किसान संगठन अब तक कृषि कानूनों पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व वाले तीन केंद्रीय मंत्रियों के पैनल से बातचीत करते रहे हैं। हालांकि, यह पहली बार है जब किसी किसान नेता ने सीधे मोदी और शाह से बातचीत की मांग उठा दी। महापंचायत के दौरान कई ऐसे मौके भी आए, जब टिकैत ने सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर हमले बोले। उन्होंने साफ कहा कि सरकार के साथ समझौते के लिए जाने वाली समिति में कोई भी नेता बदला नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जंग पुराने घोड़ों के दम पर ही लड़ी जाएगी। हमारी सेना मजबूत है। हमें बस आप सबका समर्थन चाहिए।

दिल्ली में किसानों के प्रदर्शनस्थलों की किलेबंदी के मुद्दे पर टिकैत ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “जब कोई राजा डरा हुआ होता है, तो वह किलेबंदी कर लेता है।” टिकैत ने कहा कि खाप पंचायत के लोग इन जगहों पर लगाई गई कीलों को निकालेंगे और इन्हें खाप पंचायत के दफ्तरों तक ले जाएंगे। यह 400 सालों तक दिखाई जाएंगी कि दिल्ली में क्या हुआ था। वे (प्रशासन) लोहे की कीलें लगाकर किसानों को रोकना चाहता है, पर मैं इन कीलों पर लेट जाउंगा और लोग इससे गुजरेंगे।

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