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स्टाफ कैंटीन तोड़कर बन रहा विजय गोयल का पांचमंजिला दफ्तर, मंत्री बोले- मुझे पता नहीं

जब गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि निमार्ण कार्य में 1 करोड़ से ज्यादा की लागत आएगी और इसे स्टाफ कैंटीन के हटाकर बनाया जा रहा है।

विजय गोयल का नया दफ्तर। (फोटो- श्यामलाल यादव)

बीजेपी नेता और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री विजय गोयल के लिए नई दिल्ली के सरदार पटेल भवन स्थित सरकारी कैंटीन तोड़कर दफ्तर बनाया जा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक पिछले वर्ष 52 लाख रुपये की लागत से कैंटीन की मरम्मत कराई गई थी। इससे पहले विजय गोयल खेल मंत्री थे, पांच महीने पहले उन्हें सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री बनाया गया था, इसी के लिए कैंटीन तोड़कर दफ्तर बनाया जा रहा है। दफ्तर की इमारत पांच मंजिला बनाई जा रही है। इमारत बनाने की लागत 1.09 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है, लागत में अभी और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। इस काम को देख रहे केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडबल्यूडी) एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि गोयल ने पिछले हफ्ते और मंगलवार (16 जनवरी) को नए दफ्तर का दौरा किया था और निर्माण के बारे में जानकारी ली थी।

सीपीडबल्यूडी के अधिकारी ने कहा- ”ज्यादातर काम मंत्री जी के निजी स्टाफ की सलाह पर पहले ही कर लिया गया था। मंत्री जी ने वास्तु के अनुसार कुछ बदलाव सुझाए थे। नए सुझाव के अनुसार काम को पूरा करने के लिए कुछ और धन की जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए हम जल्द ही अनुमान लगा लेंगे।”

इमारत में किए संसोधनों के बारे में सीपीडब्ल्यू की तरफ से 12 जनवरी 2018 को जारी एक नोट में ब्योरा दिया गया था। इसके मुताबिक मौजूदा कॉन्फ्रेंस टेबल की जगह सिंगल स्टेनलेस स्टील के फ्रेम के साथ कांच की एक गोल टेबल की जरूरत है। मौजूदा कॉन्फ्रेंस टेबल, कॉन्फ्रेंस कुर्सी, मंत्री जी की कुर्सी को बदला जाएगा। मंत्री जी के कमरे के मौजूदा विंडो रोलर और विंडो फिल्म को बदला जाएगा। कॉरीडोर पर लगे दरवाजों की जगह लकड़ी के नए दरवाजे लगाए जाएंगे। सीपीडब्ल्यूडी सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि विभाग को 71 लाख रुपये सिविल, इलेक्ट्रीकल और रूपसज्जा के लिए खर्च करने का अनुमोदन मिल चुका है। मंत्री जी के दफ्तर में एलईडी टीवी, इंटरनेट और टेलीफोन की सुविधाओं की जरूरत है, जिसके लिए 39 लाख रुपयों की और जरूरत है।

इंडियन एक्सप्रेस ने जब गोयल से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि निमार्ण कार्य में 1 करोड़ से ज्यादा की लागत आएगी और इसे स्टाफ कैंटीन के हटाकर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा- ”जब मुझे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री का कार्यभार मिला तो मैंने अधिकारियों से कहा था कि मुझे मौजूदा कमरों में से ही एक दफ्तर मुहैया कराएं। नया दफ्तर बनाने का फैसला मेरा नहीं है। मुझे नहीं पता कि पहले वहां कैंटीन थी। मुझे मेरे लिए बनाए जा रहे दफ्तर की लागत के बारे में भी जानकारी नहीं है। यह सीपीडब्ल्यू का काम है। नया दफ्तर अगले कुछ दिनों में तैयार होने जा रहा है।”

गोयल के दफ्तर के अलावा पंचायती राज और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय मंत्रालय के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के लिए सेंट्रल दिल्ली में निमार्ण कार्य चल रहा है। 100 सरकारी कर्मचारियों के लिए खाना बनाने वाली कैंटीन को ग्राउंड फ्लोर पार्किंग के पास पर भेजकर अस्थाई व्यवस्था की गई है, जिसमें कई टेबल खुले में लगी हैं। विभाग के एक अधिकारी ने इंडियन एक्प्रेस को बताया कि पहले जब गोयल के दफ्तर के साथ ही कैंटीन को हटाने का प्रस्ताव भेजा गया था, तब प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने इसके खिलाफ एक आधिकारिक ज्ञापन तैयार किया था। जिसमें कहा गया था कि 2016-17 में कैंटीन के आधुनिकीकरण पर 52 लाख रुपये खर्च किए गए थे। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस महीने के अंत तक गोयल का दफ्तर तैयार हो जाएगा।

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