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कोरोना टीकाकरणः साइड इफेक्ट्स के सिर्फ 0.18% केस, दोनों वैक्सींस हैं सेफ- केंद्र; 6 देशों को टीका आपूर्ति का ऐलान

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि पहले दिन भारत में 2,07,229 लोगों को टीके दिए गए जबकि अमेरिका में पहले दिन 79,458 लोगों का टीकाकरण हुआ। ब्रिटेन में पहले दिन 19,700 और फ्रांस में केवल 73 लोगों को टीके दिए गए।

Author Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | Updated: January 19, 2021 8:52 PM
Covid Vaccinationबेंगलुरू में टीकाकरण अभियान के पहले चरण के दौरान एक मेडिकल छात्र को कोविड वैक्सीन लगाते चिकित्सक। (फोटो पीटीआई- शैलेंद्र भोजक)

सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लेने वाले कुल लोगों में से 0.18 प्रतिशत में ही प्रतिकूल असर देखने को मिला, जबकि 0.002 प्रतिशत लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जो कि बहुत निम्न स्तर है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है। प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों टीके सुरक्षित हैं।

पॉल ने कहा कि “यह निराशाजनक है कि कुछ डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी टीका लेने से इनकार कर रहे हैं।” और उन्होंने लोगों से टीके की खुराक लेने का अनुरोध किया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, “उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर (एईएफआई) के अब तक केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं और केवल 0.002 प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो कि निम्न स्तर है। जहां तक हमें पता है पहले तीन दिनों में प्रतिकूल असर का यह सबसे कम मामला है।”

उन्होंने कहा कि भारत में पहले दिन कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत सबसे अधिक लोगों को टीके दिए गए। भूषण ने कहा कि पहले दिन भारत में 2,07,229 लोगों को टीके दिए गए जबकि अमेरिका में पहले दिन 79,458 लोगों का टीकाकरण हुआ। ब्रिटेन में पहले दिन 19,700 और फ्रांस में केवल 73 लोगों को टीके दिए गए।

उन्होंने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यहां यह है कि अगर हम पहले सप्ताह के आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिका में 5,56,208 लोगों का टीकाकरण हुआ जो कि हम तीन दिनों में ही पार कर गए। ब्रिटेन में पहले सात दिनों में 1,37,897 लोगों को टीके दिए गए, फ्रांस में पहले सप्ताह में 516 लोगों और रूस में 52,000 लोगों का टीकाकरण हुआ। इसलिए आप तुलना कर सकते हैं और हमने तो शुरुआत ही की है, जिसमें और रफ्तार आएगी।”

पॉल ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है। प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि “स्थिति बिल्कुल ठीक” है। उन्होंने कहा, “हम आपको फिर से आश्वस्त करना चाहेंगे कि ये दोनों टीके सुरक्षित हैं। ये दोनों टीके असरदार हैं।”

भूषण ने कहा कि राजस्थान और उत्तरप्रदेश समेत नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 70 प्रतिशत से ज्यादा टीकाकरण किया है।
उन्होंने कहा, “कोविड-19 टीकाकरण कवरेज में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लक्षद्वीप (89.3 प्रतिशत), सिक्किम (85.7 प्रतिशत), ओडिशा (82.6 प्रतिशत), तेलंगाना (81.1 प्रतिशत), उत्तरप्रदेश (71.4 प्रतिशत), राजस्थान (71.3 प्रतिशत) शामिल हैं।” उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मरीजों में 72 प्रतिशत केरल, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के हैं।

भारत ने सहायता अनुदान के तहत छह देशों को कोरोना वायरस का टीका आपूर्ति करने की घोषणा की

भारत ने मंगलवार को घोषणा की कि वह सहायता अनुदान के तहत बुधवार से भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमा, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्ते, महीने में चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा। मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत इस संबंध में श्रीलंका, अफगानिस्तान और मारिशसन से टीका की आपूर्ति के लिये जरूरी नियामक मंजूरी की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहा है।

इसमें कहा गया है कि भारत को महत्वपूर्ण सहयोगी देशों और पड़ोसियों से भारत निर्मित टीके की आपूर्ति के लिये कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं । मंत्रालय ने कहा, “इन अनुरोधों की प्रतिक्रिया और कोविड महामारी के खिलाफ मानवता की लड़ाई में सभी की मदद और भारत के टीका के उत्पादन एवं आपूर्ति की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए 20 जनवरी से भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमा, सेशेल्स को आपूर्ति शुरू की जायेगी।”

बयान के अनुसार, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मॉरीशस के संबंध में जरूरी नियामकीय मंजूरी का इंतजार है। गौरतलब है कि भारत ने देशभर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ कर्मियों को दो टीका कोविशिल्ड और कोवैक्सीन लगाने के लिये व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है। आक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनिका कोविशिल्ड टीका सीरम इंस्टीट्यूट उत्पादन कर रहा है जबकि कोवैक्सीन का उत्पादन भारत बायोटेक कर रहा है।

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