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‘अवॉर्ड लौटाकर कहीं हम अधिकार तो नहीं छोड़ रहे हैं’: गुलज़ार

साहित्यकारों के अवार्ड वापस किये जाने को लेकर फिल्मकार और शायर गुलजार ने चिंता जाहिर करते हुए शुक्रवार को कहा कि अवार्ड लौटाकर कहीं हम अधिकार तो नहीं छोड़ रहे हैं।

Author मुंबई | Published on: October 24, 2015 9:30 AM

साहित्यकारों के अवार्ड वापस किये जाने को लेकर फिल्मकार और शायर गुलजार ने चिंता जाहिर करते हुए शुक्रवार को कहा कि अवार्ड लौटाकर कहीं हम अधिकार तो नहीं छोड़ रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार अगर साहित्यकारों का ख्याल नहीं रख पा रही तो गड़बड़ी है, लेकिन साहित्य अकादमी पुरस्कार सरकार तो नहीं देती है। अवार्ड साहित्य अकादमी देती है जो स्वायत्त संस्था है।

शुक्रवार को राजधानी स्थित एक होटल में पटनावासियों से रूबरू गुलजार ने साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाये जाने को लेकर पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि जो यह पुरस्कार लौटा रहे हैं, उन्हें यह देखना चाहिए कि यह साहित्य एकेडमिक का पुरस्कार है।

यह केंद्र सरकार का पुरस्कार नहीं है। वहीं, केंद्र सरकार को भी साहित्यकारों की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए। साहित्यकार जो महसूस कर रहे हैं, वह कह रहे हैं।

उन्होंने कहा एक अच्छी बात आज सुनने को मिली कि साहित्य अकादमी ने सरकार से इस मसले को लेकर साहित्यकारों की सुरक्षा की बात उठायी है।

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