ताज़ा खबर
 

5 साल में सरकारी भर्तियों में आई कमी! UPSC में इस साल घटाए गए 10% पद, SSC, Railways और Banking में भी कटौती

सरकार ने UPSC के माध्यम से होने वाली भर्तियों में बड़ी कटौती कर दी है। इस बार सरकार ने 712 पदों का ही विज्ञापन जारी किया है। साल 2014 से 47 प्रतिशत पदों की कटौती कर दी गई है।

job vacancy,आंकड़े बता रहे हैं, सरकारी नौकरियों में आई बड़ी कमी। फोटो क्रेडिट- PIXABAY

लोगों का सपना होता है कि UPSC के माध्यम से सिलेक्ट होकर उन्हें सरकारी नौकरी करने का मौका मिले लेकिन सरकार अब सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) के माध्यम से होने वाली भर्तियों में कमी कर रही है। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने पिछले हफ्ते 712 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। पिछले साल 796 पदों पर वैकेंसी थी। इस हिसाब से 10 फीसदी पदों में कटौती कर दी गई है।

एक तरफ देश में IAS और IPS अधिकारियों की कमी है तो दूसरी तरफ हर साल सरकार UPSC के माध्यम से होने वाली भर्तियों में कटौती कर रही है। बता दें कि साल 214 में 1364 पदों पर जगहें निकाली गई थीं। 2020 आते-आते इसमें 47.8 फीसदी की कमी कर दी गई।

यह कटौती केवल यूपीएसई में नहीं हो रही है बल्कि बाकी भर्तियों में भी कमी की जा रही है। इस साल लोकसभा में सरकार के जवाब के मुताबिक पिछले तीन साल में यूपीएसई भर्तियों में 1800 पदों की कटौती की गई है। बता दें कि सीएसई के अलावा भी यूपीएसई कई परीक्षाओं का आयोजन करता है। इसमें इंजिनियरिंग सर्विस एग्जाम, कंबाइंड मेडिकल सर्विस एग्जाम, कंबाइंड डिफेंस सर्विस, एनडीए, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स एग्जाम शामिल हैं।

SSC परीक्षा के माध्यम से होने वाली भर्तियों में भी कटौती की गई है। साल 2016-17 में इस माध्यम से 68880 पदों पर भर्तियां की गई थीं। वहीं साल 2020-21 में केवल 2106 पदों पर भर्ती हुई। यानी इसमें 96 प्रतिशत की गिरावट आ गई। बता दें कि एसएससी के माध्यम से ग्रेड बी नॉन गजेटेड और ग्रुप सी नॉन टेक्निकल सरकारी पदों पर भर्तियां होती हैं। 1975 में इसका गठन किया गया था और क्लास 3 और क्लास 4 की बड़ी संख्या में भर्तियां एसएससी के माध्यम से होती हैं।

रेलवे और बैंकिंग सेक्टर में भी भर्तियों में कटौती

इस समय देश में सबसे ज्यादा नौकरी भारतीय रेलवे देता है। हालांकि अब रेलवे में भी बहुत कम पदों पर भर्तियां हो रही हैं। साल 2016-17 में रेलवे ने 27 हजार से ज्यादा पद निकाले थे तो साल 2020-21 में केवल 3873 नौकरियां ही रह गईं। रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि भर्ती करना आसान प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल कुछ आंकड़ों से पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हो जाती है। इसी तरह बैंकिंग की बात करें तो पिछले साल 1167 वैकेंसी निकली थीं। 2019 के मुकाबले इसमें 67 प्रतिशत की कटौती कर दी गई। 2013 से 2018 तक भर्ती में कटौती 21 हजार से 2 हजार तक हो गई।

Next Stories
1 घरेलू हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट बोला-पति के परिजन महिला को चोट पहुंचाते हैं तो वह खुद भी माना जाएगा जिम्मेदार
2 चार साल उत्तराखंड के सीएम रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया इस्तीफा, अब कौन होगा मुख्यमंत्री?
3 मिथुन कोबरा बन BJP में गए हैं या जाकर कोबरा बने हैं? रवीश ने रखा सवाल तो लोग देने लगे तरह-तरह के जवाब
ये पढ़ा क्या?
X