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किसान आंदोलन से जुड़े ट्विटर हैंडल अनब्लॉक करने पर केंद्र नाराज, नतीजे भुगतने की दी चेतावनी

ट्विटर द्वारा शुरू में आदेश का अनुपालन करने के बाद, कंपनी और मंत्रालय के अधिकारियों ने सोमवार शाम को बैठक की थी, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने तर्क दिया कि सामग्री "फ्री स्पीच" और "समाचार योग्य" है।

Author Edited By Sanjay Dubey नई दि्ल्ली | Updated: February 3, 2021 8:02 PM
Twitter Accountआईटी मंत्रालय के निर्देश पर किसानों के विरोध से संबंधित लगभग 100 ट्विटर अकाउंट और 150 ट्वीट्स सोमवार सुबह माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म से हटा दिए गए थे। (फाइल फोटो),

सरकार ने आईटी मंत्रालय के निर्देश के बावजूद किसानों के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने वाले कई खातों को फिर से बहाल करने के लिए ट्विटर को नोटिस भेजा है। और “अधिनियम की धारा 69 ए के तहत जारी निर्देशों का पालन न करने” के लिए कार्रवाई की चेतावनी दी। ट्विटर ने सोमवार को दिन में दर्जनों खातों को ब्लॉक कर दिया था, लेकिन रात में उन्हें फिर बहाल कर दिया। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और 18 पेज का नोटिस भेजकर कार्रवाई की बात कही।

नोटिस में कहा गया है कि “निर्देशों की अव्यवहारिकता या असमानता को ट्विटर तय नहीं कर सकता है (जो कि एक मध्यस्थ है और केंद्र सरकार के आदेशों से अधीन है।”

किसानों के विरोध से संबंधित लगभग 100 ट्विटर अकाउंट और 150 ट्वीट सोमवार सुबह माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म से हटा दिए गए थे, क्योंकि आईटी मंत्रालय ने ट्विटर को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत इन खातों को हटाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, आईटी मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद सोमवार देर रात खातों को अनब्लॉक कर दिया गया।

ट्विटर के सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “नियामक अधिकारियों के साथ हमारी चर्चाओं को लंबित रखते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से एक वैध कानूनी अनुरोध के क्रम में हमने अस्थायी रूप से भारत में इन एकाउंट्स को लिखित सामग्री रोकने के नियम के तहत प्रतिबंधित कर दिए थे। अधिकारियों के साथ हमारी बाद की बैठकों के दौरान ट्विटर ने सूचित किया कि जिन एकाउंट्स को रोकने के लिए कहा गया है, वे मुक्त रूप से अपनी बात कहने और समाचार योग्य हैं। इसलिए इन एकाउंट्स को फिर बहाल कर दिया गया। लोगों की बातचीत और पारदर्शिता की रक्षा करना ट्विटर पर जो हम करते हैं उसके लिए मौलिक है।”

आईटी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत नियमों का उपयोग अक्सर सरकार अनिवार्य रूप से इंटरनेट बंद करने में करती है। इस नियम के तहत सरकार को यह अधिकार है कि “भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए या उपर्युक्त से संबंधित किसी भी संज्ञेय अपराध के कमीशन को भड़काने से रोकने के लिए” कंप्यूटर से सूचना तक लोगों की पहुंच रोक सके।

ट्विटर द्वारा शुरू में आदेश का अनुपालन करने के बाद, कंपनी और मंत्रालय के अधिकारियों ने सोमवार शाम को बैठक की थी, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने तर्क दिया कि सामग्री “फ्री स्पीच” और “समाचार योग्य” है।

सोमवार शाम को, सरकारी सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने ट्विटर के साथ बैठक में अपना आदेश नहीं बदला है। “हां, ट्विटर ने आदेश को वापस लेने के लिए दबाव डालने की कोशिश की थी, लेकिन हमने कुछ भी नहीं बदला है।”

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