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AFSPA में बड़े बदलाव की तैयारी में मोदी सरकार, जवानों के ‘विशेषाधिकार’ में होगी कटौती!

एक केस सुप्रीम कोर्ट में भी विचारधीन है जिसमें 300 से ज्यादा सैनिकों ने AFSPA कानून को किसी तरह से कमजोर करने के लिए खिलाफ अपील की है।

AFSPAतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (AFSPA) के सबसे विवादास्पद प्रावधान में से एक में बदलाव करने जा रही है, जो सैनिकों को अब अशांत इलाकों में बहुत ज्यादा बल प्रयोग करने की अनुमति नहीं देगा। एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि एक अनुच्छेद में से वो पंक्ति भी हटाई जा रही है जिसमें सैनिक को उग्रवाद प्रभावित इलाकों में ओपन फायर करने की अनुमति थी। AFSPA एक्ट में इस पंक्ति के तहत सैनिकों को उग्रवाद प्रभावित इलाकों में कानून का उल्लंघन करने पर गिरफ्तारी, बल प्रयोग और यहां तक कि किसी पर भी गोली चलाने की अनुमति थी। हालांकि सालों से सेना पर आरोप लगते रहे हैं कि वो उग्रवाद प्रभावित इलाकों में वहां के लोगों पर ज्यादती करती रही है। AFSPA का कानून कहता है कि अगर एक सैनिक का लगता ​​है कि सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव के लिए ऐसा करना आवश्यक है, तो चेतावनी देने के बाद बल का उपयोग कर सकता है। ये बल प्रयोग ऐसे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किया जा सकता है जो कानून व्यवस्था के उल्लंघन में कार्य कर रहा है। वहीं AFSPA के बदलाव पर आलोचकों का कहना है कि अगर इसमें बदलाव किया गया तो यह उस कानून को कमजोर कर देगा जो सेना को विशेष शक्तियों के साथ अशांत इलाकों में चुनौतियों का सामना करने के लिए देता है।

बता दें कि इस मामले में एक केस सुप्रीम कोर्ट में भी विचारधीन है जिसमें 300 से ज्यादा सैनिकों ने AFSPA कानून को किसी तरह से कमजोर करने के लिए खिलाफ अपील की है। दूसरी एक्टिविस्ट सालों से उन इलाकों में अतिरिक्त न्यायिक हत्याओं के आरोप लगाते रहे हैं जहां ये कानून लागू है। मणिपुर में इरोम शर्मिला ने इस कानून के विरोध में करीब 16 सालों तक उपवास किया है। गौरतलब है कि अफस्पा अभी नागालैंड, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और 1990 के दशक से असम में लागू है। कई सामाजिक संगठन पिछले कई सालों इस कानून को हटाने की मांग करते हैं। इनका कहना है कि इस कानून के जरिए सैनिकों को नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए व्यापक शक्तियां दी गई हैं।

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