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सस्ता होगा खाद्य तेल…सरकार ने दो साल के लिए सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर कस्टम ड्यूटी की खत्म

इस समय देश में कच्चे खाद्य तेल के आयात पर 5.5 फीसदी शुल्क है जो कि पहले 8.25 फीसदी लगता था। फिलहाल खाद्य तेल के लिए टैक्स सिस्टम दो उपकरों पर आधारित है। पहला, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस (AIDC) और दूसरा सोशल वेलफेयर सेस।

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खाद्य तेल (Photo Source- PTI)

खाद्य तेल की कीमतों में जल्द ही गिरावट आ सकती है। सरकार ने मंगलवार को सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर कस्टम ड्यूटी और एग्रीकल्चर सेस को मार्च 2024 तक हटाने की घोषणा की है।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल पर वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में आयात शुल्क नहीं लगाया जाएगा। यह छूट 31 मार्च 2024 तक लागू रहेगी। इससे खाने का तेल सस्ता होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि 31 मार्च 2024 तक कुल 80 लाख टन कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल का शुल्क मुक्त आयात किया जा सकेगा।

सॉल्वैट एक्सट्रैक्टर्स ऑफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने कहा कि सरकार के इस फैसले से सोयाबीन तेल के दाम तीन रुपए प्रति लीटर तक कम हो जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने 20-20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेलों के लिए शुल्क दर कोटा (TRQ) संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। बी वी मेहता ने कहा कि टीआरक्यू के तहत सीमा शुल्क और 5.5 प्रतिशत का कृषि सेस हट जाएगा।

तेल की कीमतों को कम करने में मदद: सरकार ने यह कदम स्थानीय बाजार में बढ़ती खाने के तेल की कीमतों को कम करने के लिए उठाया है। सरकार का मानना है आयात शुल्क में इस छूट से घरलू कीमतों में नरमी आएगी और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने ट्वीट में लिखा, “यह निणर्य उपभोक्ताओं को जरूरी राहत प्रदान करेगा।”

ईंधन से लेकर सब्जियों और खाना पकाने के तेल तक सभी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते थोक मुद्रास्फीति (wholesale price inflation) अप्रैल में 15.08 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गयी। वहीं, खुदरा मुद्रास्फीति (retail inflation) आठ साल के उच्च स्तर, 7.79 प्रतिशत पर पहुंच गई थी।

पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटा: इससे पहले सरकार ने तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पिछले हफ्ते ही पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाया था। इसके साथ ही इस्पात और प्लास्टिक उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कुछ कच्चे माल पर भी आयात शुल्क हटाने का निर्णय सरकार ने लिया था। इसके साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 9 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को प्रति गैस सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की थी, जो 12 सिलेंडर तक लागू है।

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