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यूपी: डकैती गैंग चलाने के आरोप में एसआई और दो सिपाही गिरफ़्तार, हाल ही में की थी 35 लाख की लूट

पिछले 20 जनवरी को गोरखपुर में महाराजगंज जिले के रहने वाले सर्राफा व्यापारियों के पास से करीब 35 लाख के लूट का मामला सामने आया था जिसके बाद से ही पुलिस इस केस की तत्परता से जाँच कर रही थी। जाँच कर रहे अधिकारियों को शुरु से ही इस मामले में पुलिसवालों के शामिल होने का शक था।

uttar pradesh, policeतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। फोटो सोर्स – Indian Express

गोरखपुर में हुए दो स्वर्ण व्यापारियों से लुट के मामले में एक एसआई और दो सिपाही सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गोरखपुर पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से लूट के 19 लाख रुपये नकद और 16 लाख रुपये कीमत का सोना व चाँदी बरामद कर लिया गया है। पिछले 20 जनवरी को गोरखपुर में महाराजगंज जिले के रहने वाले सर्राफा व्यापारियों के पास से करीब 35 लाख के लूट का मामला सामने आया था जिसके बाद से ही पुलिस इस केस की तत्परता से जाँच कर रही थी। जाँच कर रहे अधिकारियों को शुरु से ही इस मामले में पुलिसवालों के शामिल होने का शक था।

गोरखपुर जिले के पुलिस लाइन्स सभागार में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी जोगिन्दर कुमार ने बताया कि आरोपियों की पहचान दरोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव, सिपाही संतोष यादव, बोलेरो चालक देवेंद्र यादव, शैलेश यादव और दुर्गेश अग्रहरि के रूप में हुई है। पुलिस ने यह भी बताया कि पूछताछ में दरोगा धर्मेंद्र यादव ने यह कबूल किया है कि उसने स्वर्ण व्यापारियों से कस्टम ऑफिसर बनकर लूटपाट की थी।

महाराजगंज जिले के स्वर्ण व्यापारी दीपक वर्मा और रामू वर्मा बुधवार को गहनों की ख़रीददारी करने बस से लखनऊ जा रहे थे। इस दौरान दोनों के पास करीब 35 लाख रूपये थे जिसमें से 16 लाख रूपये का सोना और चाँदी भी शामिल था। इसी बीच लखनऊ जाने के क्रम में ही गोरखपुर में वर्दीधारी दारोगा व दो सिपाहियों ने उन्‍हें चेकिंग के नाम पर पकड़ लिया। पकडे जाने के बाद तस्‍करी करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पूछताछ करने के बहाने वहां से टेंपों में बैठाकर नौसढ़ ले गए। जहां पिटाई करने के बाद गहने व रुपये से भरा बैग छीन लिया। 

पुलिस ने इस घटना के सन्दर्भ में एक प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर पत्रकारों को बताया कि जब इस मामले की जाँच की गयी तो सीसीटीवी में घटनास्थल के पास एक बोलेरो दिखा। उसके बाद जब पुलिसवालों के द्वारा बोलेरो के नंबर की जांच की गयी तो पता चला कि यह बोलेरो बस्ती का है।  बोलेरो बरामद होने के बाद इस घटना का पूरी तरह से  पर्दाफाश हो गया और पूरे मामले को अंजाम देने वाले दारोगा और सिपाहियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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