उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में शुक्रवार से जारी श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने की घोषणा की हैं। श्रमिकों को दी जाने वाली नई दर एक अप्रैल से लागू होगी। योगी सरकार ने त्रिस्तरीय दरों की घोषणा की है जिनके तहत गौतमबुद्ध नगर (नोएडा)-गाजियाबाद के लिए, नगर निगम वाले शहर और अन्य जिलों के लिए अलग-अलग न्यूनतम वेतन दर लागू की गयी।

यूपी के नोएडा के कई औद्योगिक इलाकों में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को श्रमिकों का प्रदर्शन उग्र हो गया। इस दौरान पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, कई वाहनों को आग के हवाले किया गया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।

सोमवार देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिश पर सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि का ऐलान किया है। इसे तीन कैटेगिरी में बांटा गया है। नोएडा-गाजियाबाद के साथ-साथ अन्य नगर निगम क्षेत्रों और प्रदेश के बाकी जिलों के लिए अलग-अलग न्यूनतम वेतन दरें तय की गई हैं। सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि कोई भी कंपनी इन तय दरों से कम वेतन नहीं दे सकेगी। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएंगी।

यूपी सरकार के अनुसार गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अब अकुशल श्रमिकों को 11,313 की जगह 13,690 रुपये प्रति माह मिलेंगे। जबकि अर्धकुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।

अन्य नगर निगम क्षेत्रों के लिए संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। वहीं, बाकी जिलों में अकुशल श्रमिकों को ₹12,356 प्रति माह, अर्धकुशल श्रमिकों को ₹13,591 और कुशल श्रमिकों को ₹15,224 प्रति माह मिलेंगे।

1 अप्रैल 2026 से किसे कितना वेतन मिलेगा:

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) और गाजियाबाद
अकुशल (unskilled workers): 13,690 रुपये
अर्धकुशल (semi-skilled workers): 15,059 रुपये
कुशल (skilled workers): 16,868 रुपये

नगर निगम वाले अन्य शहर
अकुशल: 13,006 रुपये
अर्धकुशल: 14,306 रुपये
कुशल: 16,025 रुपये

बाकी जिले
अकुशल: 12,356 रुपये
अर्धकुशल: 13,591 रुपये
कुशल: 15,224 रुपये

ये सभी वेतन मूल वेतन + महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर तय किए गए हैं और इससे कम सैलरी अब कोई कंपनी नहीं दे सकती।

सरकार ने कहा कि ”संतुलित और व्यावहारिक” परिणाम के लिए सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया गया। यह कदम सोमवार को नोएडा में फैक्टरी श्रमिकों द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। सोमवार को हजारों श्रमिकों ने अधिक वेतन और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। जिले के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, जिसके बाद सरकार ने स्थिति से निपटने तथा श्रमिकों और नियोक्ताओं के साथ बातचीत के लिए एक समिति गठित की।