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अब 10 के बजाय 21 हजार रुपए तक की तनख्‍वाह वाले को मिलेगा बोनस, लोकसभा में बिल पास

इस विधेयक में मासिक बोनस आकलन की सीमा को वर्तमान 3500 रुपए से 7000 रुपए कर दिया गया है। यह एक अप्रैल 2014 के प्रभाव से लागू होगा।

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बिल अमल में आएगा तो करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा और अच्‍छी बात यह है कि इसे अप्रैल 2014 से लागू किया जाएगा।

लोकसभा ने मंगलवार को बोनस संदाय संशोधन विधेयक, 2015 को अपनी मंजूरी दे दी। इसके तहत कर्मचारियों के लिए बोनस संबंधी वेतन की पात्रता को 10 हजार रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 21 हजार रुपए कर दिया गया है ताकि अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके। इस विधेयक में मासिक बोनस आकलन की सीमा को वर्तमान 3500 रुपए से 7000 रुपए कर दिया गया है।  केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने विधेयक पर हुई चर्चा जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर श्रमिकों को 2015-16 की बजाए यह एक अप्रैल 2014 के प्रभाव से लागू होगा। इससे देश के करोड़ों कर्मचारियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि हम श्रमिकों के वेतन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और यह मोदी सरकार का वचन है।

उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन में एकरूपता लाने के बारे में सभी राज्यों के साथ चर्चा की जाएगी और जल्द ही इस बारे में एक राष्ट्रीय वेतन विधेयक लाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अभी हमारे देश में केवल 1.7 फीसद ही कुशल कामगार हैं जो अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। सरकार स्किल इंडिया के जरिए इसको बढ़ाना चाहती है। दत्तात्रेय ने कहा कि भारत में 90 फीसद श्रमशक्ति असंगठित क्षेत्र से हैं और इसके कारण भी इनमें से अधिकतर लाभ पाने से वंचित रह जाते हैं।

संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने विधेयक पारित हो जाने पर इसे ऐतिहासिक क्षण बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्री को बधाई दी। विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल की एम. संघमित्रा ने कहा कि यह विधेयक गरीब मजदूरों के कल्याण वाला है और अच्छी बात है कि इसे एक अप्रैल 2014 के प्रभाव से लागू किया जाना है। उन्होंने कहा कि बोनस का इंतजार मजदूरों को साल भर होता है और वह इसका उपयोग कई उद्देश्यों से करने के लिए सोचते हैं। तृणमूल सदस्य ने सरकार से बोनस संबंधी वेतन पात्रता की सीमा थोड़ा और बढ़ाने की मांग की।

भाजपा के प्रहलाद पटेल ने कहा कि भीमराव अंबेडकर के 125वीं जयंती वर्ष में इस विधेयक को लाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति भी सम्मान होगा जिनका जन्मदिन तीन दिन बाद 25 दिसंबर को है। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने एक बार कहा था कि किसी कल्याणकारी राज्य में निर्माण कार्य होंगे तो यह विचार जरूरी है कि मजदूरी के अलावा मजदूरों को और क्या अतिरिक्त लाभ या सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। भाजपा सदस्य ने कहा कि विधेयक में बोनस पात्रता के लिए अधिकतम सीमा तय करने के साथ ही न्यूनतम सीमा भी तय की जानी चाहिए। पटेल ने मांग की कि बोनस भुगतान को वेतन आयोग की सिफारिशों से जोड़ा जाना चाहिए। जिससे इसे बार-बार संशोधन के लिए संसद में लेकर नहीं आना पड़े।

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