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बिना इजाजत शांति मार्च: कपिल मिश्रा की मौजूदगी में लगे गोली मारो, साफ करो और मोदी के सम्मान में… जैसे नारे

कपिल मिश्रा ने शांति मार्च निकालने की इजाजत दिल्ली पुलिस से नहीं ली थी। करीब 1200 लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर जंतर मंतर से रैली शुरू की जो कनॉट प्लेस और जनपथ तक गया।

Author Translated By प्रमोद प्रवीण नई दिल्ली | Updated: March 1, 2020 8:02 AM
kapil mishraबीजेपी नेता और पूर्व विधायक कपिल मिश्रा। (Express photo: Praveen Khanna)

बीजेपी नेता और पूर्व विधायक कपिल मिश्रा की अगुवाई में शनिवार (29 फरवरी) को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक शांति मार्च निकाला गया। यह मार्च उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ बुलाया गया था लेकिन वहां मौजूद लोगों ने गद्दारों को गोली मारने का नारा लगाया। कुछ दिनों पहले ही दिल्ली चुनावों के दौरान दूसरे बीजेपी नेता ने ये नारे लगवाए थे। बता दें कि दिल्ली हिंसा में 42 लोगों की जान जा चुकी है।

कपिल मिश्रा ने शांति मार्च निकालने की इजाजत दिल्ली पुलिस से नहीं ली थी। करीब 1200 लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर जंतर मंतर से रैली शुरू की जो कनॉट प्लेस और जनपथ तक गया। इस दौरान लोग ‘जय श्री राम’, और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते रहे। इनके अलावा शांति मार्च में लोग नारे लगा रहे थे, ‘किसी को मत माफ करो, जिहादियों को साफ करो।’ मिश्रा के साथ शांति मार्च में ऐसे लोग शामिल थे जिन्होंने अपने माथे पर पट्टियां लगा रखी थीं और उनका दावा था कि दिल्ली के दंगों में, भजनपुरा, शिव विहार, करावल नगर और न्यू मुस्तफाबाद क्षेत्रों में उनपर हमले हुए हैं।

शांति मार्च निकाल रहे लोगों के साथ एक मिनी ट्रक भी चल रहा था, जिसमें दंगों के भेंट चढ़ गए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा और विनोद कश्यप के फोटो लगे हुए थे। मार्च में शामिल लोग अंकित शर्मा के समर्थन में भी नारे लगा रहे थे, “अंकित शर्मा का ये बलिदान, याद रखेगा हिन्दुस्तान” और “मोदी के सम्मान में, देशभक्त मैदान में।”

‘डेल्ही पीस फोरम’ नाम के एनजीओ की ओर से आयोजित इस मार्च में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कोई संबोधन नहीं दिया। मिश्रा ने द संडे एक्सप्रेस को बताया, “यह मार्च जिहादी हिंसा के खिलाफ था और उन लोगों के लिए था जो दंगों में नुकसान झेल चुके हैं।” जंतर-मंतर पर मार्च दिन में करीब 11 बजे से शुरू हुआ, जहां कुर्सियां और साउंड सिस्टम लगे थे। धीरे-धीरे लोग हाथों में तिरंगा और अंबेडकर की तस्वीर लेकर मार्च में शामिल होने आते रहे।

नई दिल्ली की डीसीपी ईश सिंघल ने कहा कि आयोजक संस्था ने जुलूस के लिए कनॉट प्लेस और जनपथ की ओर मार्च करने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा, “किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया क्योंकि यह एक शांतिपूर्ण मार्च था। मार्च में किसी भी तरह के नारे लगाए जाने के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली है, इसलिए कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।”

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