पंजाब के मुक्तसर शहर में कोटकपूरा रोड स्थित गोल्डी बराड़ का पुराना घर आज भी सुरक्षा और रहस्य के घेरे में है। ऊंची दीवारों पर कॉन्सर्टिना वायर, चारों तरफ CCTV कैमरे और दीवारों पर NIA के पुराने नोटिस इस घर की कहानी बयां करते हैं। घर में गोल्डी के माता-पिता रहते हैं, लेकिन परिवार इस मामले पर कुछ भी बोलने से बचता है।

मुक्तसर की इस मिडिल क्लास कॉलोनी में कई रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भी रहते हैं। स्थानीय लोग गोल्डी के परिवार के बारे में जानते तो हैं, लेकिन उसके नाम पर बात करने से बचते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्हें संदेह है कि गोल्डी जहां भी है, वहां से CCTV के जरिए अपने घर पर नजर रखता है।

FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में गोल्डी बराड़

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है। FBI ने इसी नाम से उसे अपनी 10 मोस्ट वांटेड भगोड़ों की लिस्ट में शामिल किया है। गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले को FBI ने 10 लाख डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया है।

गोल्डी जिस घर में कभी रहता था, वह करीब 600 वर्ग मीटर में फैला है। घर के लगभग 150 वर्ग मीटर हिस्से में पेड़-पौधे हैं। मुख्य दरवाजे पर हरे रंग की कैनोपी लगी है, जो अंदर की गतिविधियों को बाहर से देखने में और मुश्किल बनाती है।

माता-पिता पर भी लगा था जबरन वसूली रैकेट चलाने का आरोप

गोल्डी के माता-पिता शमशेर सिंह और प्रीतपाल कौर इसी घर में रहते हैं। दोनों को जनवरी 2026 में गोल्डी के कथित जबरन वसूली नेटवर्क में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वे पंजाब के कारोबारियों को की जाने वाली धमकी भरी कॉल को संभालने में उसकी मदद करते थे।

फिलहाल दोनों जमानत पर बाहर हैं। गिरफ्तारी के कुछ समय बाद गोल्डी की बताई जा रही एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी, जिसमें पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई को लेकर धमकी दी गई थी।

घर पर मौजूद प्रीतपाल कौर ने दरवाजा तो खोला, लेकिन उसे पूरी तरह खोलने और किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। गोल्डी के परिवार के लिए पुलिस, NIA और FBI के अलावा प्रतिद्वंद्वी गैंग भी खतरे के तौर पर देखे जाते हैं।

FBI Most Wanted
गोल्डी का परिवार करीब 2004 में इस घर में रहने आया था। (Express Photo by Kamaldeep Singh Brar)

2004 में पुलिस क्वार्टर से यहां आया था परिवार

पड़ोसियों के मुताबिक, गोल्डी का परिवार करीब 2004 में इस घर में रहने आया था। इससे पहले वे पुलिस क्वार्टर में रहते थे। घर की बाहरी दीवार पर लगे पुराने और उखड़े हुए सरकारी नोटिस इस बात की ओर इशारा करते हैं कि NIA ने यहां कई बार छापेमारी की है।

एक बुजुर्ग राहगीर ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर शमशेर सिंह को ‘सम्मानित व्यक्ति’ बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि मोहल्ले में किसी को गोल्डी को देखने की याद नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बेटे की मदद करने के आरोपों के बाद शमशेर सिंह को 2021 में अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया गया था। वहीं, शाम की सैर पर निकले एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि वे गोल्डी या उसके परिवार के बारे में अपने नाम से कोई बात नहीं करना चाहते।

मूसेवाला हत्याकांड के बाद अमेरिका भागने का दावा

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मई 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी अमेरिका भाग गया था। इस मामले में NIA की ओर से दाखिल चार्जशीट में गोल्डी को हमले का ‘मास्टरमाइंड’ बताया गया था। FBI के मुताबिक, गोल्डी उत्तरी अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप के शीर्ष नेताओं में से एक के तौर पर काम करता है।

हालांकि, जून 2025 में सामने आई गोल्डी की बताई गई एक ऑडियो क्लिप में बिश्नोई से उसके मतभेद के संकेत मिले थे। माना जाता है कि बिश्नोई के भाई अनमोल की अमेरिका में गिरफ्तारी और बाद में प्रत्यर्पण के मामले को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। बिश्नोई ने इसके लिए गोल्डी और अजरबैजान स्थित गैंगस्टर रोहित गोदारा को जिम्मेदार माना था।

Goldy barar
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्हें शक है कि गोल्डी जहां भी है, वहाँ से CCTV के जरिए घर पर नजर रखता है। (Express Photo by Kamaldeep Singh Brar)

ISI से संबंध के आरोपों को किया था खारिज

जून 2025 की कथित ऑडियो क्लिप में गोल्डी ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संबंध होने के आरोपों को भी खारिज किया था। उसने मीडिया और प्रशासन से किसी को देशभक्त या देशद्रोही बताने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने की अपील की थी।

पंजाब पुलिस ने जनवरी 2024 में गोल्डी को आतंकवादी घोषित किया था। पुलिस ने FBI की ओर से उसके खिलाफ की जा रही कार्रवाई का स्वागत किया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अगर कनाडाई अधिकारियों ने पहले मिली चेतावनियों को गंभीरता से लिया होता तो उसे पहले ही पकड़ा जा सकता था।

कनाडा को लेकर पंजाब पुलिस ने उठाए सवाल

पंजाब के एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के साथ लंबे समय से गोल्डी को पकड़ने के लिए काम कर रही थी। अधिकारी के मुताबिक, इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस और कनाडा की BOLO लिस्ट में नाम होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई। बाद में उसे बिना किसी स्पष्टीकरण के इस सूची से हटा दिया गया।

पंजाब पुलिस का कहना है कि गोल्डी ने कनाडा से खुले तौर पर जबरन वसूली का नेटवर्क चलाया और बाद में अमेरिका को अपना ठिकाना बनाया। दिसंबर 2022 में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुजरात में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने गोल्डी को कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया है। हालांकि, बाद में यह जानकारी गलत पाई गई।

छोटे कारोबारियों और कलाकारों को निशाना बनाने का आरोप

पंजाब पुलिस की ओर से गोल्डी और विदेशों में सक्रिय अन्य अपराधियों को लेकर तैयार किए गए डोजियर में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय नागरिकों को इन आपराधिक नेटवर्क की ओर से लगातार जबरन वसूली के कॉल का सामना करना पड़ा है।

डोजियर के मुताबिक, इनका निशाना आमतौर पर छोटे कारोबारी और मनोरंजन जगत से जुड़े लोग होते हैं। कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय कॉल, VoIP सेवाओं और एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वसूली की मांग की जाती है।

इन मांगों के साथ घर पर गोलीबारी, कारोबारी प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमले, टारगेट किलिंग और परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जाती हैं। पुलिस के डोजियर के अनुसार, कई मामलों में मांग पूरी नहीं होने पर इन धमकियों को अंजाम भी दिया गया।

यह भी पढ़ें: सौरभ राजपूत मर्डर केस: मुस्कान और साहिल दोषी करार, मेरठ ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में आया अदालत का फैसला 

मेरठ में बीते साल हुए बेहद चर्चित ‘नीले ड्रम’ हत्याकांड मामले में अदालत का फैसला आ गया है। अदालत ने मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल दोनों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।