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बीजेपी, अमित शाह, पर्रिकर के खिलाफ पादरी का नफरत फैलाने वाला भाषण, गोवा चर्च को मांगनी पड़ी माफी

सोमवार को चर्च ने कहा कि उसे एक राजनीतिक दल और इसके लोगों के खिलाफ पादरी के दिए बयान पर बेहद अफसोस है।

चर्च ने फादर के बयान पर माफी मांगी है।

भारतीय जनता पार्टी, इसके अध्यक्ष अमित शाह और दिवंगत नेता और पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर के खिलाफ एक पादरी की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर हो रही आलोचना के बाद गोवा के चर्च ने माफी मांगी है। रविवार को फादर कॉन्सिकाओ डिसिल्वा का एक वीडियो वायरल हो गया था। इस वीडियो में पादरी चर्च में अपने अनुयायियों को बीजेपी का बहिष्कार करने की बात कहते नजर आते हैं। वीडियो में वह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को ‘राक्षस’, जबकि पर्रिकर की बीमारी को ‘ईश्वर के गुस्से की वजह से हुआ कैंसर’ करार देते हैं।

सोमवार को चर्च ने कहा कि उसे एक राजनीतिक दल और इसके लोगों के खिलाफ पादरी के दिए बयान पर बेहद अफसोस है। यह पहली बार नहीं है, जब फादर डिसिल्वा ने राजनीतिक बयान दिया है। इससे पहले, 2017 के आम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को वोट देने की अपील की थी। इसके बाद, उनकी तीखी आलोचना हुई थी।

चर्च की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘विधानसभा या लोकसभा चुनाव से पहले, गोवा में चर्च अपने पादरियों के लिए गाइडलाइंस जारी करता है। ऐसा इसलिए ताकि अनुयायी किसी कैंडिडेट या पार्टी को वोट देकर अपने कर्तव्यों का पालन करें। इससे राज्य या देश के हितों की बेहतर ढंग से रक्षा होगी। कुछ आम सिद्धांत भी बताए जाते हैं कि प्रत्याशी या उनके मेनिफेस्टो में हम क्या देखें? पादरियों को यह हिदायत दी जाती है कि वह सार्वजनिक तौर पर किसी प्रत्याशी या पार्टी का नाम न लें। यह खेद का विषय है कि कई मौकों पर इस सुझाव का पालन नहीं किया गया।’

उधर, फादर डिसिल्वा के इस बयान का कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ने भी निंदा की है। संस्था के सेक्रेटरी जनरल थियोडोर मैस्केरहेंस की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया, ‘गोवा और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चों को यह साफ कर दिया गया है कि कैथोलिक चर्च किसी भी पार्टी का पक्ष नहीं लेती। यह देश की भलाई के लिए अपने लोगों को आम दिशानिर्देश देती है।’ मैस्करहेंस ने कहा कि धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगा जा सकता। बता दें कि बीजेपी ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की थी।

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