करीब 3 महीने पहले 6 दिसंबर 2025 को गोवा के एक नाइट क्लब में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 25 लोग मारे गए थे। अब पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है। गोवा पुलिस ने नाइट क्लब में लगी आग के सिलसिले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की। चार्जशीट में ‘M/s Being GS Hospitality Goa Arpora LLP’ के पार्टनर और बर्च बाय रोमियो लेन क्लब के मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा और अजय गुप्ता और क्लब के मैनेजरियल स्टाफ के नाम हैं। इसमें क्लब के कॉर्पोरेट जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, ऑपरेशन मैनेजर बिजय कुमार सिंह, गेट मैनेजर प्रियांशु ठाकुर और बार मैनेजर राजवीर सिंघानिया शामिल हैं।
चार्जशीट में नामजद गांव का सरपंच
चार्जशीट में नामजद दूसरे आरोपियों में अरपोरा-नागोआ गांव पंचायत के उस समय के सरपंच रोशन रेडकर, अरपोरा-नागोआ गांव पंचायत के पूर्व सेक्रेटरी रघुवीर बागकर, मयूर कोलवलकर और मोहम्मद अफीफ अब्दुलसाब बटेरी का नाम भी शामिल है। अफ़ीफ एक इवेंट कंपनी ‘K-Dance Events Private Limited’ के डायरेक्टर और जनरल मैनेजर हैं।
बता दें कि 78 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला उस प्रॉपर्टी के मालिक हैं जिस पर नाइटक्लब बिर्च का बिना इजाजत वाला स्ट्रक्चर चल रहा था। उन्हें भी चार्जशीट में आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के लिए एक इंटरपोल ब्लू नोटिस जारी किया गया था। बता दें कि किसी संदिग्ध व्यक्ति का पता लगाने, उसकी पहचान करने या उसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए यह नोटिस जारी किया जाता है और वह अभी भी फरार हैं।
हादसे के बाद फुकेट भाग गए थे लूथरा बंधु
क्लब चलाने वाले गौरव और सौरभ ने 7 दिसंबर को सुबह 5.30 बजे दिल्ली से फुकेट के लिए फ्लाइट ली थी। दोनों ने आग लगने के 90 मिनट के अंदर देश से भागने के लिए 7 दिसंबर को सुबह 1.17 बजे टिकट बुक किए थे। बाद में उन्हें भारत डिपोर्ट कर दिया गया और गोवा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपियों के गैर-ज़िम्मेदाराना कामों की वजह से एक बड़ी दुर्घटना में 25 लोगों की जान चली गई, जिससे ऐसा नुकसान हुआ जिसकी भरपाई नहीं हो सकती और 25 परिवार टूट गए। इसमें कहा गया कि यह बड़ी आपराधिक लापरवाही और इंसानी ज़िंदगी की पूरी तरह से अनदेखी और आरोपियों द्वारा कानूनी और सुरक्षा नियमों का पालन करने में पूरी तरह नाकामी को दिखाता है। चार्जशीट में आगे कहा गया है कि क्लब के मैनेजर ने बताया कि वे लूथरा भाइयों के संपर्क में थे और उन्हें उनसे कॉल आए थे, जिससे पता चलता है कि भागने से पहले उन्हें घटना की गंभीरता और हताहतों के बारे में पता था।
चार्जशीट में आगे कहा गया है कि लूथरा ने अजय गुप्ता और सुरिंदर कुमार खोसला के साथ मिलकर लाइसेंस के कागज़ात में जालसाज़ी करके और अलग-अलग अधिकारियों से परमिशन लेकर धोखे से मकान नंबर 502/1 RT-8 में जगह बनाई। जांच में पाया गया है कि आरोपियों ने गांव की पंचायत से ट्रेड लाइसेंस, एक्साइज लाइसेंस और ऑपरेट करने की सहमति जैसे लाइसेंस के लिए अप्लाई करने के लिए एक ऐसे स्ट्रक्चर का नकली मकान नंबर इस्तेमाल किया जो मौजूद नहीं था और ऐसे काम लोकल सरपंच और पंचायत सेक्रेटरी की मिलीभगत से किए गए थे। इसमें यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने एक बड़ा किचन और 150 लोगों को सर्व करने की कैपेसिटी होने के बावजूद बिना फायर क्लीयरेंस, इक्विपमेंट या स्टाफ के लिए ट्रेनिंग के जगह चलाई।
मजिस्ट्रेट जांच में क्या था?
आग की जांच के लिए बनाई गई एक मजिस्ट्रेट जांच में पहले पाया गया था कि लोकल पंचायत ने प्रॉपर्टी के मालिकों के साथ मिलीभगत की, जिससे क्लब को बिना वैलिड ट्रेड लाइसेंस के गैर-कानूनी तरीके से चलाने की इजाज़त मिली। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पंचायत अपनी कानूनी ड्यूटी में फेल रही और उसने प्रॉपर्टी को सील करने या उसके ऑपरेशन बंद करने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पंचायत ने सुरिंदर खोसला (प्रॉपर्टी के मालिक और एक आरोपी) के रिसॉर्ट में सर्वे नंबर 159/0 में गैर-कानूनी स्ट्रक्चर को हाउस नंबर और ट्रेड लाइसेंस जारी किए जवानी उन्हें मालूम था कि ये दुकानें नमक की जमीन पर हाल ही में बनी हैं और यह कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन (CRZ) के नियमों का उल्लंघन हैं।
किन मामलों में दर्ज केस?
मापुसा के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के सामने फाइल की गई 4,150 पेज की चार्जशीट में पुलिस ने कुल 305 गवाहों से पूछताछ की है। चार्जशीट के मुताबिक आरोपियों पर BNS की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 125 (दूसरों की जान या निजी सुरक्षा को खतरे में डालने वाला काम), 125 (a), 125 (b), 287 (आग या जलने वाली चीज़ के मामले में लापरवाही), धारा 338 (कीमती सिक्योरिटी, वसीयत की जालसाजी), 336 (3) (जालसाजी), 340(2) (जाली डॉक्यूमेंट या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के तौर पर इस्तेमाल करना) और 61(2) (आपराधिक साजिश), 238 (सबूत गायब करना) और 241 (डॉक्यूमेंट को नष्ट करना) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
गोवा पुलिस ने लूथरा भाइयों और क्लब के पार्टनर, मैनेजर, इवेंट ऑर्गनाइज़र और दूसरे मैनेजिंग स्टाफ पर गैर-इरादतन हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था। FIR में कहा गया है कि रेस्टोरेंट बिना जरूरी लाइसेंस लिए चल रहा था और आरोपियों ने बिना सही देखभाल और सावधानी बरते, बिना फायर सेफ्टी इक्विपमेंट और दूसरे सेफ्टी गैजेट दिए, अपने रेस्टोरेंट/क्लब में फायर शो ऑर्गनाइज़ किया, जिससे गंभीर आग लग गई। जबकि उन्हें पूरी जानकारी थी कि ऐसे शो ऑर्गनाइज़ करने से गंभीर आग लगने के हादसे हो सकते है। पढ़ें क्या था गोवा नाइट क्लब मामले में लूथरा ब्रदर्स का बयान
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अरपोरा में नाइट क्लब में लगी भीषण आग मामले में हो रही जांच में पता चला है कि ज्यादातर पीड़ितों की मौत सफोकेशन की वजह से हुई। आग सबसे पहले क्लब के पहले फ्लोर पर लगी थी और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग इसकी चपेट में आ गई। पढ़ें पूरी खबर
