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गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर ने कहा- दिल्ली में नहीं बनाता था दोस्त, पता नहीं चलता था कौन हथियारों डीलर या दलाल है

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा है जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ा था।

Manohar Parrikar, Manohar Parrikar Statement, Sacrifice for Country, Wipe Out Enemies, Soldiers Lose their Lives, Manohar Parrikar on Indian Army, Manohar Parrikar Says, Indian Soldiers Lose their Lives, National newsगोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (फाइल)

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार (सात सितंबर) को कहा कि वो देश के रक्षा मंत्री रहने के दौरान दिल्ली में वो काफी “अकेला” महसूस करते थे क्योंकि वो दोस्त नहीं बना पाते थे। पर्रिकर ने कहा, “ये पहचानना मुश्किल होता था कि कौन हथियारों का डीलर है या एजेंट है।” पर्रिकर ने कहा कि वो दिल्ली से भागे नहीं बल्कि गृह प्रदेश में उनकी वापसी “संयोगवश” हुई। पर्रिकर ने कहा कि रक्षा मंत्री होने के ये जिम्मेदारी आ जाती है। पर्रिकर ने कहा, “…मंत्रालय ऐसा था कि मैं दोस्त नहीं बना सकता था। क्योंकि पता नहीं चलता कि कौन हथियारों का डीलर है या कौन दलाल है। इसीलिए दूर रहना ही बेहतर। इसीलिए मुझे अकेलापन महसूस होता था।” पर्रिकर एक मीडिया पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे।

मनोहर पर्रिकर ने दिल्ली के वायु प्रदूषण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के वायु प्रदूषण की वजह से उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ा था लेकिन गोवा आने के बाद धीरे-धीरे उनकी सेहत सही हुई। पर्रिकर ने कहा, “मेरे ख्याल से वहां काफी प्रदूषित वातावरण है। हवा की गुणवत्ता बहुत खराब है। इसका असर आपकी सेहत पर पड़ता है। लोग मुझसे कहते थे कि अपनी सेहत का ख्याल रखिए। अब ऐसा कहने वाले लोगों की संख्या कम हो गयी है। पिछले पांच-छह महीने में मेरी सेहत सुधरी है।”

गोवा के सीएम पर्रिकर ने कहा, “सच बोलूं तो इससे मेरी सेहत पर असर पड़ा था। लोग वहां ऊनी कपड़े पहनते हैं, मुझे ऊनी कपड़ों की आदत नहीं, मैं उनके बिना ही बाहर निकल जाता था। हर कोई कहता था कि इससे तुम्हारी मुश्किल बढ़ जाएगी लेकिन मुझसे मोटा कोट पहना नहीं जाता था।” जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि तो क्या इस वजह से उन्हें दिल्ली से “भागना” पड़ा? इस पर सीएम पर्रिकर ने कहा, “मैं भागा नहीं, जैसा मैंने बताया, मुझे गोवा वापस आने का अवसर मिला। गोवा में जिन छोटी पार्टियों के उम्मीदवार विधान सभा चुनाव जीते थे उन्होंने गडकरी सेकहा कि हम तभी समर्थन पत्र देंगे जब पर्रिकर वापस आएं।”

मनोहर पर्रिकर क नवंबर 2014 में देश का रक्षा मंत्री बनाया गया था। हालांकि इस साल जब गोवा में सत्ताधारी बीजेपी को विधान सभा चुनाव में बहुमत नहीं मिला तो अन्य दलों ने इस शर्त पर उसे समर्थन दिया कि मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर होंगे। इस तरह पर्रिकर को रक्षा मंत्री का पद छोड़कर फिर से गोवा का मुख्यमंत्री बनना पड़ा। पर्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही रक्षा मंत्री का पद पिछले हफ्ते तक खाली था। करीब छह महीने बाद निर्मला सीतारमन को देश का रक्षा मंत्री बनाया गया है।

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