कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के एक दिन बाद गोवा के पणजी के आज़ाद मैदान में भी ऐसा ही प्रदर्शन देखा गया था। हालांकि बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि कॉकरोच दीमक के साथ हैं। सोमवार रात X पर एक पोस्ट में बीजेपी उपाध्यक्ष नरेंद्र सवाईकर ने कहा कि कॉकरोच दीमक के साथ! देश बचाओ!
कांग्रेस ने की मांफी की मांग
नरेंद्र सवाईकर के पोस्ट की कांग्रेस और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने आलोचना की। दोनों पार्टियों ने बीजेपी नेता नरेंद्र पर शर्मनाक और अमानवीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और माफ़ी मांगने की मांग की। गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) के कार्यकारी अध्यक्ष सुनील कवथंकर ने कहा कि नरेंद्र सवाईकर का अपने अधिकारों और भविष्य के लिए शांति से विरोध कर रहे युवा नागरिकों को ‘दीमक’ कहना हमारे देश की हर लोकतांत्रिक आवाज़ का अपमान है।
सुनील कवथंकर ने कहा, “मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि असली दीमक वे हैं जो हमारे इंस्टीट्यूशन को खोखला कर रहे हैं, डेमोक्रेसी को कमजोर कर रहे हैं, राष्ट्रीय संपत्ति बेच रहे हैं, पर्यावरण को खत्म कर रहे हैं और पॉलिटिकल फायदे के लिए लोगों को बांट रहे हैं। यह BJP है जो कैंसर की तरह भारत की आत्मा को खा रही है। गोवा के युवा दीमक नहीं हैं, वे देश और हमारे राज्य की अंतरात्मा हैं।”
गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने भी किया विरोध
वहीं गोवा फॉरवर्ड पार्टी के स्टूडेंट विंग के अध्यक्ष वृषांक गांवकर ने कहा, “हम युवाओं में बदलाव की क्षमता है और हम देश और गोवा में हो रही सभी गलत एक्टिविटी के खिलाफ विरोध दिखा रहे हैं। अगर हमें लगता है कि कुछ गलत है और यह हमारे भविष्य पर असर डालेगा, तो हमें इसके खिलाफ बोलने का हक है। यह रेफरेंस कॉकरोच, दीमक, हमें डिमोटिवेट नहीं करेगा। असल में, यह हमें अपनी आवाज उठाने के लिए मोटिवेट करेगा।”
हालांकि जब साउथ गोवा के पूर्व सांसद नरेंद्र सवाईकर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, “ट्विटर पर मेरा पोस्ट देखिए। वह अभी भी वहीं है। मैं किसी को ‘दीमक’ नहीं कह रहा हूं। मैंने पोस्ट में कहा है ‘दीमकों के साथ कॉकरोच’। बस इतना ही। क्या किसी का कोई ज़िक्र है? कुछ नहीं है। कोई इससे कोई नतीजा क्यों निकालना चाहता है? इसलिए किसी को तो इसके बारे में बुरा लग रहा होगा। क्या (पोस्ट में) किसी का कोई खास ज़िक्र है? दीमक भी कॉकरोच जितने ही बुरे होते हैं, है ना? हमारे घर में, कॉकरोच और दीमक दोनों, अगर घुस जाते हैं तो वे उसे तोड़ देते हैं और बस उसे खा जाते हैं।”
कैंडल-लाइट मार्च निकाला गया
सोमवार शाम को सैकड़ों प्रदर्शनकारी मीरामार सर्कल के पास इकट्ठा हुए और पणजी के आज़ाद मैदान तक कैंडल-लाइट सॉलिडैरिटी मार्च निकाला। यह प्रदर्शन गोवा के NGO ‘उज़वाद’ ने आयोजित किया था। ‘उज़वाद’ की सेक्रेटरी अमरीन शेख ने कहा, “पेपर लीक हो रहे हैं। और जिन स्टूडेंट्स की (NEET) कैंसल होने की वजह से (सुसाइड करके) मौत हो गई। ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा मिलनी चाहिए और अकाउंटेबिलिटी होनी चाहिए। मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए। सरकार को पता होना चाहिए कि अगर हम उन्हें पावर दे सकते हैं, तो हम वह पावर वापस भी ले सकते हैं। और जब हम अकाउंटेबिलिटी मांगते हैं, तो हमारा मतलब होता है।”
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