दक्षिण दिल्ली के एक पार्क में एक नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप की घटना के बाद हाल ही में छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों ने राजधानी को हिलाकर रख दिया। इसी बीच, उपराज्यपाल टीएस संधू ने बुधवार को कई महिला कॉलेजों की प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की, जबकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लड़कियों और लड़कों दोनों को “क्या करें और क्या न करें” के पाठ पढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा के नाम पर लड़कियों पर पाबंदियां नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब घर, परिवार और समाज पाबंदियां लगाने की बात करते हैं, तो वे लड़कियों पर ही पाबंदियां लगाने की बात करते हैं। गुप्ता ने कहा कि सब कुछ लड़कियों के लिए ही क्यों? लड़कों के लिए क्या है?
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “प्रधानमंत्री ने लाल किले पर कहा था, ‘लड़कों को कब समझ आएगा?’ यह हम सबकी जिम्मेदारी है। अगर हम अपनी बेटियों को सही-गलत की बातें सिखाते हैं, तो हमें लड़कों को भी यही सिखाना चाहिए।”
दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर में स्थित मैत्रेयी कॉलेज में एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए शहर में 50,000 सीसीटीवी कैमरे और एक लाख स्ट्रीटलाइटें लगाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक महिला, एक मां और एक मुख्यमंत्री के रूप में मैं यहां मौजूद अपनी सभी बेटियों से कहना चाहती हूं कि मैं आपके साथ हूं। मुझे खुशी है कि अब देश की बेटियां चुप नहीं हैं। वे अपनी आवाज उठा रही हैं। और यह आवाज कभी दबाई न जाए, यह एक ऐसी बात है जिसे हमें महत्व देना होगा।
इस बीच, उपराज्यपाल संधू की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय के शीर्ष महिला कॉलेजों की प्रधानाचार्यों द्वारा उठाए गए प्रमुख सुरक्षा संबंधी चिंताओं में कॉलेजों तक सुरक्षित अंतिम-मील कनेक्टिविटी की कमी, परिसरों के पास असुरक्षित पार्क और अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था शामिल थे।
लेडी श्री राम कॉलेज, मिरांडा हाउस, इंद्रप्रस्थ कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज और गार्गी कॉलेज सहित प्रमुख कॉलेजों की प्रधानाचार्यों के अलावा, बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह, पुलिसकर्मी और दिल्ली नगर निगम, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।
उपराज्यपाल कार्यालय के एक बयान के अनुसार, बैठक में उठाए गए अन्य मुद्दों में अतिक्रमण किए गए फुटपाथ और रास्ते, अनियमित रूप से सामान बेचना, अंधेरे स्थान, परिसरों के पास सार्वजनिक शौचालय और अश्लील प्रदर्शन की घटनाएं शामिल थीं। प्रधानाचार्यों ने अधिक ‘पिंक बूथ’ स्थापित करने और गश्त बढ़ाने की भी मांग की।
उपराज्यपाल कार्यालय के अनुसार, संधू ने एजेंसियों, विभागों और अधिकारियों को स्ट्रीटलाइट्स की मरम्मत करने, छात्रों द्वारा उपयोग की जाने वाली सड़कों पर अंधेरे स्थानों की समस्या को दूर करने के लिए हाई मास्ट लाइट्स लगाने, बस स्टॉप और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, कॉलेजों के आसपास गश्त बढ़ाने और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों का सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कॉलेजों से मेट्रो स्टेशनों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने का भी निर्देश दिया है, जिसमें शाम के समय शटल सेवा और यू-स्पेशल तथा मेट्रो फीडर बसों की व्यवस्था शामिल है।
स्कूल से SIR के मैदान तक: 137 नोटिस और एक लापता मकान के बीच BLO का पूरा दिन
सुबह इनामुल हसन दिल्ली के सराय काले खां के एक स्कूल में उर्दू पढ़ा रहे थे। दोपहर तक उन्होंने छठी से दसवीं कक्षा के छात्रों की परीक्षा की निगरानी भी पूरी कर ली। लेकिन उनकी ड्यूटी यहीं खत्म नहीं हुई। परीक्षा खत्म होने के महज 15 मिनट बाद वह उसी इलाके की संकरी गलियों में एक ऐसे मकान की तलाश में निकल पड़े, जिसका पता कहीं मिल नहीं रहा था। पढ़ें पूरी खबर।
