प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को युद्ध के बाद इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली की जनता के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है। X पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने मेलोनी को अपना मित्र बताया और कहा कि उनके नेतृत्व और दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में योगदान दिया है।

पीएम मोदी ने कहा, “युद्ध के बाद इटली के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाली मेरी मित्र प्रधानमंत्री मेलोनी को हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इतालवी जनता के विश्वास और भरोसे का प्रतीक है।”

पीएम मोदी ने मेलोनी को दी बधाई

पीएम मोदी ने कहा कि वे भारत और इटली के लोगों के लिए एक समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए मेलानी के साथ सहयोग जारी रखने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा, “उनकी मित्रता ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और मैं अपने देशों के लोगों के लिए एक समृद्ध भविष्य के निर्माण हेतु उनके साथ घनिष्ठ सहयोग जारी रखने के लिए तत्पर हूं। आगामी वर्षों में उनकी निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।”

कब पीएम बनी थीं मेलोनी?

बता दें कि अक्टूबर 2022 में मेलानी ने इटली की प्रधानमंत्री का पद संभाला था। उसके बाद से वह लगातार करीब 4 साल से इटली की प्रधानमंत्री हैं। मेलोनी ने 15 साल की उम्र से ही एक्टिविज्म की शुरुआत कर दी थी।

1992 में 15 साल की उम्र में मेलोनी ‘यूथ फ्रंट’ में शामिल हुईं। यह ‘इटैलियन सोशल मूवमेंट’ (MSI) का युवा विंग था, जो एक नव-फासीवादी राजनीतिक पार्टी थी और 1995 में भंग हो गई थी। इस दौरान उन्होंने ‘ग्ली एंटिनाटी’ नाम का एक छात्र संगठन बनाया, जिसने शिक्षा सुधार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। 1998 में प्राइमरी चुनाव जीतने के बाद मेलोनी रोम प्रांत की पार्षद चुनी गईं और 2002 तक इस पद पर रहीं। 2000 में वह राष्ट्रीय निदेशक चुनी गईं और 2004 में AN के युवा विंग ‘यूथ एक्शन’ की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। इन वर्षों के दौरान उन्होंने रोम के सबसे मशहूर नाइटक्लबों में से एक, ‘पाइपर क्लब’ में नैनी, वेट्रेस और बारटेंडर के तौर पर काम किया।

मेलोनी 2006 में इटली की संसद के लिए चुनी गई। अप्रैल 2008 के आम चुनावों के बाद 31 साल की उम्र में उन्हें बर्लुस्कोनी सरकार में युवा मामलों की मंत्री बनाया गया। वे 16 नवंबर 2011 तक इस पद पर रहीं, जब आर्थिक संकट और जनता के विरोध के कारण बर्लुस्कोनी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। मेलोनी 1861 के बाद से इटली के इतिहास में अब तक की दूसरी सबसे कम उम्र की मंत्री थीं।

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