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संसद सत्र: कश्मीर पर बोले गुलाम नबी- आतंकियों और नागरिकों के साथ हो रहा एक जैसा व्यवहार

इस समय घाटी के साल 2008 और 2010 से बुरे हालात हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद। (पीटीआई फोटो)

सोमवार से शुरू हुए संसद सत्र में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कश्मीर हिंसा और सैनिक कार्रवाई पर अपनी बात रखी। लंच के बाद बोलने खड़े हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा, ” मैं बेहद दुखी हालत में यहां खड़ा हूं ” उन्होंने आगे कहा भारत ने अब तक कश्मीर से कोई सबक नहीं सीखा। उन्होंने कहा, “आतंकी और आम नागरिकों के साथ एक तरह का बर्ताव नहीं किया जा सकता। इस समय घाटी के साल 2008 और 2010 से बुरे हालात हैं। 1800 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।

इसके पीछे पाकिस्तान का क्या किरदार है।?  मैं केन्द्र या राज्य सरकार को दोष नहीं दे रहा हूं। आम कश्मीरी लोगों के खिलाफ पुलिस निर्ममता पूर्वक पैलेट गन का इस्तमाल कर रही है। जबकि पुलिस ने हरियाणा में हुई हिंसा के दौरान इनका इस्तमाल नहीं किया था। मैं आतंकवाद खत्म करने को लेकर सरकार के साथ खड़ा हूं। कोई भी आतंकवाद का समर्थन नहीं करता लेकिन हम आतंकी और आम नागरिकों के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं कर सकते।

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  1. P
    Prashant
    Jul 19, 2016 at 12:14 am
    हरयाणा में कोई भी आतंकी का साथ नहीं दे रहा था वेअपने हक के लिए लड़ रहे थे
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    1. Shrikant Sharma
      Jul 18, 2016 at 12:26 pm
      आम आदमी ातन्क्वादियुओं के साथ मिल बैठ कर कुओं जुलूस निकलने की प्लानिंग करते हैं और पाकिस्तान/ईसिस/इसील/चीन से मिल कर फिर आतंकवादी जुलूसों में शामिल हो कर जान गंवाते हैं.आतंकवादी भारत के खिलाफ वॉर लड़ रहे हैं फ़ौज ातन्क्वादिुओं पर प्रहार कर रही है पुलिस पलट चढ़ रही है फिर भी उकसाने पर आम आदमी उन जुलूसों में जा रहा है ज़न्नत की ह्यूरोन की खातिर .भारत का ज़न्नत है कस्मीर पर उसे आतंकवादी ामादमियुओं से मिल कर दोजजख में बदल रहे हैं.
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      1. S
        shamshir asif
        Jul 18, 2016 at 9:32 pm
        Jatt andolan jab hinsa to kitne loggo mare , ijjat ke saath kilwaar hua , tab kaha thii fauz kiya wo atank nahi fayla rahe the , kashmir mein issliye aisa hua kiyu ki waha musalman hai aurr kuch nahi.
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