Ghazipur Encounter Controversy: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में 4 जून को प्रदेश की पुलिस ने हत्या के आरोपी कमलेश बिंद का एनकाउंटर किया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। इस एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ विपक्ष में बैठी समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर बीजेपी और योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ हमलावर हैं, तो दूसरी ओर ध्यान देने वाली बात यह है कि एनडीए के ही घटक दल इसको लेकर सवाल उठाने लगे हैं, जिसके केंद्र में निषाद पार्टी है।
गाजीपुर इस एनकाउंटर के चलते योगी आदित्यनाथ सरकार के दौरान पुलिस के सख्त रवैए और बड़े पैमाने पर हुए एनकाउंटर्स की नीति को लेकर आलोचना होने लगी है। विपक्ष इसे सड़क पर दिय़ा जाने वाला त्वरित न्याय बताकर सवाल उठा रही है। अहम बात यह है कि योगी सरकार में मत्स्य पालन मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने भी इस मुद्दे में हस्तक्षेप कर दिया है।
संजय निषाद ने उठाए सवाल
एनडीए के एक प्रमुख सहयोगी दल यानी निषाद पार्टी के नेता ने पुलिस पर सीधे तौर पर कोई गलत काम करने का आरोप नहीं लगाया है लेकिन उन्होंने एक स्वतंत्र जांच की मांग की है और उचित प्रक्रिया पर चिंता जताई है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर इस तरह की घटनाएं जनता में संदेह पैदा करती रहीं तो सरकार की सख्त ठोक देंगे वाली छवि से राजनीतिक लाभ के बजाए नुकसान भी हो सकता है।
संजय निषाद ने इस घटना को अमानवीय बताया और सवाल उठाया कि क्या पुलिस अपने संवैधानिक दायित्व का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा, “अपराध की गंभीरता चाहे जो भी हो, आरोपी को अदालत में आत्मसमर्पण करने और अपना बचाव करने की अनुमति मिलनी चाहिए। न्याय न्यायपालिका का अधिकार क्षेत्र है, जबकि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है और उसे केवल आत्मरक्षा में ही कार्रवाई करनी चाहिए।”
बिंद समुदाय का भी किया जिक्र
संजय निषाद ने कहा है कि अगर परिवार द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं, कि कमलेश बिंद को सरेआम उठाया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई, तो गहन जांच आवश्यक है। यूपी सरकार के मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी चिंता अपराधियों का बचाव करने की नहीं, बल्कि उचित कानूनी प्रक्रिया की रक्षा करने और पुलिस शक्ति के दुरुपयोग को रोकने की है।
उन्होंने एनकाउंटर में मारे गए बिंद समुदाय के भीतर व्याप्त जन आक्रोश का भी जिक्र किया और बताया कि इस आक्रोश को सीधे तौर पर उनके और उनकी पार्टी के समक्ष व्यक्त किया गया है। मंत्री ने समुदाय के कुछ वर्गों में बढ़ती बेचैनी को स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसी भावनाओं को नजरअंदाज करने के राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। निषाद ने आगे कहा कि समुदाय के लोगों ने मुझे घेर लिया और मेरे घर के बाहर भी जमा हो गए। अगर समुदाय हमारे साथ नहीं है, तो हम कौन सी राजनीति कर सकते हैं? हमें समुदाय की आवाज उठानी होगी।
संजय निषाद ने दीं चेतावनी
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए संजय निषाद ने चेतावनी दी कि मुठभेड़ों पर आधारित संदेशों पर सरकार की निर्भरता की सीमाएं हो सकती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे तो दंडात्मक न्याय की यह धारणा अंततः उलटी पड़ सकती है। उन्होंने इस मुद्दे को चुनावी परिणामों से भी जोड़ा। उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि शासन के बारे में जनता की राय राजनीतिक परिणामों में निर्णायक भूमिका निभाती है। एनडीए की सीटों की संख्या 2019 में 60 से अधिक से घटकर 36 रह गई।
उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग
इस घटना के बाद संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मुठभेड़ की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की। अपने पत्र में उन्होंने व्यापक जन चर्चा और परिवार तथा स्थानीय निवासियों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर आगे चर्चा की और निष्पक्ष जांच की अपनी मांग को दोहराया।
पुलिस का दावा है कि होटल मालिक के बेटे की हत्या के आरोपी बिंद ने पुलिस अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान गोलीबारी की। अधिकारियों का कहना है कि भागने की कोशिश में उसने दोबारा गोली चलाई जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की और उसकी छाती में गोली लगी। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने यह भी बताया कि गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी घायल हुआ। हालांकि, मृतक के परिवार और स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि मुठभेड़ फर्जी थी और उनका दावा है कि बिंद को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई।
टीएमसी के 14 सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले, पार्टी में बहुत बड़ी टूट की आशंका
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में बहुत बड़ी टूट होने की आशंका है। टीएमसी के 14 सांसदों ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। पढ़िए पूरी खबर…
