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दिल्ली में टीका लगवाना लोगों के लिए बना मुसीबत

उत्तरी निगम के महापौर जय प्रकाश का कहना है कि दिल्ली सरकार ने जिस तरह कोविड के इलाज के लिए निगम को कोई मदद नहीं की, उसी तरह टीके में भी राजनीति कर रही है। टीकाकरण केंद्र कम कर दिए गए हैं जिससे ज्यादा भीड़ बढ़ रही है।

Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | Updated: May 16, 2021 6:16 AM
कोरोना संकट के बीच देश में टीके का टोटा फिलहाल बना हुआ है। बेंगलुरू में एक टीकाकरण केंद्र के बाहर हेल्थ वर्कर से पूछताछ करता दंपति। (फाइल फोटोः पीटीआई)

दिल्ली नगर निगमों के कोरोना टीकाकरण केंद्रों पर अफरातफरी का माहौल है। कहीं 45 से अधिक उम्र के लोगों को दूसरी खुराक के लिए पंजीकरण करने के नाम पर वापस भेजा जा रहा है तो कहीं लाइन में लगे लोगों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प हो रही है। लोगों की शिकायतें सुरक्षाकर्मियों को लेकर सबसे अधिक है।

लगभग सभी केंद्रों पर टीका पंजीकरण करने से लेकर टीका कक्ष तक पहुंचाने का सारा काम निजी सुरक्षाकर्मियों के हवाले है। दिल्ली के दक्षिणी निगम में 54, उत्तरी में 62 पूर्वी निगम में 23 केंद्रों पर इस समय 45 और 18 से अधिक उम्र के टीके लगाए जा रहे हैं। उत्तरी निगम के कमला मार्केट के गिरधारी लाल अस्पताल में भीड़ का आलम यह है कि पता ही नहीं चलता है कि यहां 18 साल से अधिक के लोगों का टीकाकरण हो रहा है या 45 से अधिक उम्र वालों का। लाइन में लगी पहाड़गंज की शबनम ने बताया कि वे तीन दिनों से आ रही है और सेंटर पर तैनात निगम की सुरक्षा दस्ता खुद ही तय कर रही है कि 45 से अधिक उम्र वाले को भी ऐप से पंजीकरण कराना पड़ेगा या खुद ही पहली खुराक लेने के बाद दूसरी खुराक लेने में छूट दी जायगी।

दक्षिणी निगम के दरियागंज डिस्पेंसरी पर राजघाट बीसघरबा कॉलोनी के सुरेश प्रसाद का कहना था कि बिना पीपीई किट पहने टीका केंद्र पर तैनात स्वास्थयकर्मी के साथ-साथ कुछ स्कूल की शिक्षिका की ड्यूटी पर यहां लगाई गयी हैं। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कई सेंटरों पर तो बुरा हाल है। वहां के कर्मचारी अपने मनमाफिक टीके दिलवा रहे हैं। लोगों के आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेकर लाइन से अलग उनका विशेष टीका लग रहा है।

पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी में रहने वाले राजेश का कहना है कि निगम के सेंटर पर टीके का मतलब है उधर से कोरोना लेकर घर आना। निगम कर्मचारी का बुरा बर्ताव इस कदर है कि हमेशा मारपीट की नौबत बनी रहती है। कर्मचारी समझा ही नहीं पाते हैं कि यहां कैसे टीके दिया जाएगा। सुबह 11 बजे से लाइन में लगे सुनील सिंह को 3 बजे यह कह दिया गया कि यहां पर कोई भी टीके नया ऐप के द्वारा पंजीकरण के बाद ही दिया जाता है।

निगम पदाधिकारियों की दलील : उत्तरी निगम के महापौर जय प्रकाश का कहना है कि दिल्ली सरकार ने जिस तरह कोविड के इलाज के लिए निगम को कोई मदद नहीं की, उसी तरह टीके में भी राजनीति कर रही है। टीकाकरण केंद्र कम कर दिए गए हैं जिससे ज्यादा भीड़ बढ़ रही है। उन्होंने कहा हिंदू राव, कस्तूरबा, बालकराम और राजन बाबू सेंटर पर दो से ढाई हजार लोगों का प्रतिदिन टीकाकरण हो रहा है। केंद्र पर काम कर रहे कर्मचारियों के साथ टीके लगाने आने वाले को कोई परेशानी नहीं हो इसकी व्यवस्था की जा रही है। पूर्वी निगम के महापौर निर्मल जैन का कहना है कि उनके जो भी केंद्र हैं उसमें 18 से अधिक उम्र वाले के लिए जो सरकार की ओर से तय होता है वह रजिस्ट्रेशन के मुताबिक टीके लगाए जाते है। जहां तक 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की बात है तो सब ठीक ठाक ही चल रहा है।

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