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पाकिस्तान को झटका? यूएन महासचिव बोले- दोनों देश राजी हों तभी करेंगे कश्मीर मुद्दे की मध्यस्थता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजार्रिक ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का प्रभाव मध्यस्थता के लिए हमेशा उपलब्ध है लेकिन वैश्विक संगठन को संलिप्त करने पर हर किसी को सहमत होना चाहिए।

Author संयुक्त राष्ट्र | January 23, 2018 4:27 PM
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस। (Source: REUTERS)

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सभी पक्षों के सहमत होने तक कश्मीर मुद्दे के हल के लिए मध्यस्थता की संभावना खारिज करते हुए भारत और पाकिस्तान से बातचीत के जरिए अपने लंबित मुद्दों का हल करने को कहा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजार्रिक ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का प्रभाव मध्यस्थता के लिए हमेशा उपलब्ध है लेकिन वैश्विक संगठन को संलिप्त करने पर हर किसी को सहमत होना चाहिए। सीमा पर जारी तनातनी एवं गोलीबारी के कारण दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमें साफतौर पर इसकी जानकारी है कि पिछले 10 दिनों से क्या हो रहा है।’’

यह पूछे जाने पर कि महासचिव इस संकट में खुद को संलिप्त करने के लिए उत्सुक क्यों नहीं है, उन्होंने कहा, ‘‘सैद्धांतिक रूप से संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का प्रभाव मध्यस्थता के लिए हमेशा उपलब्ध है लेकिन संयुक्त राष्ट्र को संलिप्त करने पर हर किसी को सहमत होना चाहिए।’’ दुजार्रिक ने कहा, ‘‘महासचिव दोनों पक्षों को वार्ता के जरिए सभी लंबित मुद्दों पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।’’

वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका ने इस्लामाबाद से तत्काल ऐसे तालिबानी नेताओं को गिरफ्तार या निष्कासित करने की मांग की है जो अफगानिस्तान की सीमा पर आतंकवादी गतिविधियां चला रहे हैं, ताकि पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ना हो सके। काबुल स्थित इंटर-कॉन्टिनेंटल होटल पर हुए हमले की जिम्मेदारी तालिबान द्वारा लिए जाने के एक दिन बाद व्हाइट हाउस की ओर से यह बयान जारी किया गया है। इस हमले में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई थी।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने पाकिस्तान से तत्काल तालिबनी नेताओं को गिरफ्तार या निष्कासित करने को कहा है, ताकि यह समूह पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल आंतकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए न कर पाए।’’ सारा ने कहा, ‘‘अफगानिस्तान में जहां काबुल स्थित एक होटल पर आतंकवादी हमला किया गया है, नागरिकों पर ऐसे हमले केवल हमारे सहयोगी अफगान के प्रति हमारे समर्थन के संकल्प को और मजबूत करते हैं।’’

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