ताज़ा खबर
 

इंटरव्‍यू में बोले थे जीडी अग्रवाल, ‘दशहरा के पहले हो जाएगी मेरी मौत’

गंगा में अवैध खनन, बांधों जैसे बड़े निर्माण और उसकी अविरलता को बनाए रखने के मुद्दे पर पर्यावरणविद प्रो. जीडी अग्रवाल अनशन पर थे। जीडी अग्रवाल गंगा से जुड़े तमाम मुद्दों पर सरकार को पहले भी कई बार आगाह कर चुके थे।

गंगा सफाई के लिए पिछले 111 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् प्रोफेसर जीडी अग्रवाल का निधन हो गया।

गंगा को बचाने के लिए 22 जून से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल का निधन हो गया है। जीडी अग्रवाल ने अपने आखिरी इंटरव्यू में कहा था कि “मैं 10 अक्टूबर से पानी पीना भी छोड़ दूंगा, संभवत: मैं दशहरा से पहले ही मर जाऊंगा। साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर मैं गंगा को बचाने के दौरान मर जाऊं तो मुझे कोई पछतावा नहीं होगा।” उनकी मौत के बाद सफाई कर्मचारी आंदोलन के नेशनल कन्विनर बेजवाडा विल्सन ने ट्वीट किया कि प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की मौत की खबर आने के बाद से परेशान हूं, जिन्होंने गंगा और पर्यावरण को बचाने के लिए अपना जीवन दिया। सरकार की आपराधिक चुप्पी दबानेवाली रही है।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी जी ने कहा कि गंगा नदी उन्हें बुला रही है लेकिन यह 14 के बाद ज्यादा प्रदूषित हुई है। 22000 करोड़ रुपये सफाई के लिए आवंटित किए गए, इसका चौथाई उपयोग भी नहीं किया गया। क्या नमामि गंगे भी ‘जुमला’ है? शायद जीडी अग्रवाल जी का बलिदान इस सरकार को दिशा प्रदान करेगा। उमा भारती ने जीडी अग्रवाल की मौत के बाद कहा कि मैं उनके निधन से चौंक गई हूं। मुझे डर था कि ऐसा होगा। मैंने नितिन गडकरी और दूसरों को उनके निधन के बारे में सूचित किया है।

गंगा में अवैध खनन, बांधों जैसे बड़े निर्माण और उसकी अविरलता को बनाए रखने के मुद्दे पर पर्यावरणविद प्रो. जीडी अग्रवाल अनशन पर थे। जीडी अग्रवाल गंगा से जुड़े तमाम मुद्दों पर सरकार को पहले भी कई बार आगाह कर चुके थे और इसी साल फरवरी में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख गंगा के लिए अलग से कानून बनाने की मांग की थी। कोई जवाब ना मिलने पर 86 साल के स्वामी सानंद 22 जून को अनशन पर बैठ गए थे। गंगा सफाई के लिए पिछले 112 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् प्रोफेसर जीडी अग्रवाल का निधन हो गया। उनका निधन हरिद्वार से दिल्ली लाते वक्त रास्ते में हुआ था। गंगा के ही मुद्दे पर 2011 में 115 दिन के अनशन के बाद स्वामी निगमानंद ने भी दम तोड़ दिया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App