ताज़ा खबर
 

डॉ. प्रणव पांड्या बोले- मैं योगी, रामदेव हैं उद्योगपति; मैंने मोदी को स्वीकारा है, भाजपा को नहीं

डॉ पांड्या ने कहा, "मुझे लगता है मेरा कद राज्यसभा के सदस्य होने से बड़ा है। मेरे अनुयायिओं का कहना है कि यह प्रस्ताव स्वीकार करके मेरा कद छोटा हो जाएगा।

डॉ पांड्या का दावा है कि करीब 12 करोड़ सदस्य वाले गायत्री परिवार के करीब 80 प्रतिशत सदस्य उनके राज्यसभा जाने के फैसले से सहमत नहीं थे।

अखिल विश्‍व गायत्री परिवार के प्रमुख प्रणव पांड्या ने राज्‍यसभा सांसद बनने से इनकार करने के बाद कहा है कि उन्होंने पीएम मोदी को स्वीकार किया है ना कि बीजेपी को। दरहसल बुधवार को सरकार की अनुशंसा पर मेडिसन में एमडी डॉ प्रणव पांड्या को राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए नामांकित किया था। शुरुआत में डॉ पाड्या ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था लेकिन शुक्रवार को वो इससे पीछे हट गए। डॉ पांड्या का कहना है कि इन दिनों संसद का जो माहौल है उसके लिए स्वयं को उपयूक्त नहीं मानते।

Read Also: प्रणव पांड्या ने ठुकराया मोदी सरकार का राज्‍यसभा सांसद बनने का ऑफर

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा, ” मैंने मोदी को स्वीकार किया है ना की बीजेपी को, मैंने पीएम मोदी के कारण यह प्रस्ताव स्वीकार किया था। ” डॉ पांड्या का दावा है कि करीब 12 करोड़ सदस्य वाले गायत्री परिवार के 80 प्रतिशत सदस्य उनके राज्यसभा जाने के फैसले से सहमत नहीं थे। डॉ पांड्या ने कहा, ” मुझे लगता है मेरा कद राज्यसभा के सदस्य होने से बड़ा है। मेरे अनुयायिओं का कहना है कि यह प्रस्ताव स्वीकार करके मेरा कद छोटा हो जाएगा। मुझे लगता है राज्यसभा का जो इन दिनों माहौल है वो मेरे काम करने के लिए उपयुक्त नहीं है। राजनीति मेरा लक्ष्य नहीं है।”

Read Also: जानें, राज्यसभा पहुंचने वाले बॉक्सर, क्रिकेटर, अर्थशास्त्री और पत्रकार के बारे में खास FACTS

12 भाषाओं में छपने वाली और 25 लाख घरों तक पहुंच रखने वाली अखंड ज्योति पत्रिका के डॉ पांड्या मुख्य संपादक हैं। बाबा रामदेव से भी स्वयं को अलग करते हुए डॉ पांडया ने कहा कि, “वो उद्योगपति हैं मैं योगी हूं मेरे जीवन का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है।” जब डॉ पांड्या से अपना फैसला बदले का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा, ” गायत्री पारिवार का राजनीति से कुछ लेना देना नहीं है। मेरे अनुयायी कांग्रेस, बीजेपी सभी पार्टियों में बंटे हुए हैं।” माना जा रहा है कि डॉ पांड्या के ससुर और गायत्री परिवार के संस्थापक श्रीराम शर्मा कांग्रेस समर्थक थे यह भी एक कारण जिसे देखते हुए डॉ पांड्या ने अपना मन बदला है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App