दो सड़क बनवाने के मुद्दे को लेकर इस्तीफा देने के बाद अनशन पर बैठे सपा विधायक, जानें क्या है स्मृति ईरानी की अमेठी का हाल

विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद राकेश प्रताप सिंह लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी मूर्ति पर अनशन पर बैठ गए। बीते 4 दिन से अनशन पर बैठने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई

अमेठी के गौरीगंज से सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने दो सड़क बनवाने के मुद्दे पर विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। (फोटो: एएनआई)

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के गौरीगंज से सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने दो सड़कों के निर्माण के मुद्दे पर विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद वे लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी मूर्ति पर अनशन के लिए बैठ गए। पिछले चार दिनों से चल रहे अनशन के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने शुक्रवार से अन्न जल त्यागने का फैसला किया है।

दरअसल राकेश प्रताप सिंह के विधानसभा क्षेत्र में दो सड़कों का पुर्ननिर्माण कार्य बीते तीन सालों से रुका हुआ है। पिछले दिनों उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था और उन्हें सड़कें बनाए जाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसी 2 अक्टूबर को उन्होंने सड़क निर्माण के लिए अमेठी के कलक्टर को भी ज्ञापन दिया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

प्रशासनिक उदासीनता से झुब्ध होकर सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बीते 31 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष हृदनारायण दीक्षित को अपना इस्तीफा सौंप दिया। विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि मैं मौजूदा सरकार में जनसमस्याओं को भी सुलझा पाने में भी अक्षम हूं। इसलिए मेरा विधानसभा के सदस्य के रूप में रहने का कोई औचित्य नहीं है।

विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद राकेश प्रताप सिंह लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी मूर्ति पर अनशन पर बैठ गए। बीते 4 दिन से अनशन पर बैठने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई और किसी भी अधिकारी या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। उत्तरप्रदेश सरकार के इस रवैये से नाराज सपा विधायक ने अब अन्न जल त्यागने का फैसला किया है।

राकेश प्रताप सिंह ने जिन दो सड़कों के मुद्दे पर विधायक पद से इस्तीफा दिया है वो दोनों सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी है। गौरीगंज विधानसभा में कादू नाला से थौरी मार्ग और मुसाफिरखाना से पारा मार्ग की सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद सड़कों की हालत इतनी ख़राब है कि सड़क से गुजरते राहगीर के किसी भी समय दुर्घटनाग्रस्त होने का ख़तरा बना रहता है। इतना ही नहीं इस सड़क से होकर स्कूल जाते बच्चे भी अक्सर सड़क पर गिर कर चोटिल हो जाते हैं। इन तमाम दिक्कतों के बावजूद प्रशासन ने सड़क के मरम्मत कार्य पर ध्यान नहीं दिया। दोनों सड़क के निर्माण के मुद्दे को लेकर अनशन पर बैठे सपा नेता को अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है। पिछले दिनों पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अनशन स्थल पर जाकर उनसे मुलाक़ात की थी।   

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