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पीएम गरीब कल्याण योजना निर्धारित लक्ष्य से चल रहा पीछे, तीन हफ्ते में 2/3 रकम खर्च, टॉप पर है ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम

गरीब कल्याण रोजगार योजना की लॉन्चिंग के तीन हफ्ते में सरकार इस योजना पर 6000 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है और 125 दिन के काम के लिए सरकार इस योजना पर कुल 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।

MNREGA, job crisis, covid-19,राजस्थान के ब्‍यावर में मनरेगा साइट पर काम करते मजूदर। (PTI)

बीती 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस माहमारी के चलते अपने अपने गृह राज्य लौटे प्रवासी कामगारों को रोजगार देने के लिए महत्वकांक्षी गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत की थी। अब आंकड़ों से पता चला है कि गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत सबसे ज्यादा काम ऑप्टिक फाइबर केबल बिछाने का किया जा रहा है। इसकी लॉन्चिंग के तीन हफ्ते में सरकार इस योजना पर 6000 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है और 125 दिन के काम के लिए सरकार इस योजना पर कुल 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।

आंकड़ों के अनुसार, गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत सबसे ज्यादा रोजगार ऑप्टिक फाइबर केबल बिछाने के काम से मिल रहा है। एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आंकड़ों में बताया गया है कि ऑप्टिक फाइबर केबल बिछाने के काम में 93,390 गतिविधियां हुई हैं। हालांकि अभी इससे लोगों को कितने दिन रोजगार मिला, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।

ग्रामीण इलाकों में गरीबों के लिए घर के निर्माण का कार्य धीमी गति से चल रहा है और इसके तहत अभी तक 64,756 गतिविधियां हुई हैं। गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत बीते महीने हुई थी। इस योजना के तहत सरकार प्रवासी मजदूरों को उनके घर के पास ही रोजगार मुहैया करा रही है। इसमें से 60 फीसदी काम कंस्ट्रक्शन सेक्टर में हो रहा है। इस योजना का मकसद जहां लोगों को रोजगार देना है, साथ ही देश के गांवों में बुनियादी ढांचा भी तैयार करना है। यह योजना देश के 6 राज्यों के 116 जिलों में प्रवासी श्रमिकों को 125 दिन का रोजगार देगी।

सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत विकास के कामों के लिए 25 कार्यक्षेत्र की पहचान की है। यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खनन, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि का समन्वित प्रयास होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, जल जीवन मिशन और ऊर्जा गंगा योजना के तहत अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत जहां सरकार की योजना गांवों तक स्वच्छ जल पहुंचाने की थी, वहीं ऊर्जा गंगा योजना के तहत सरकार कुकिंग गैस के पाइप लगवाने का काम कराने वाली है।

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