ताज़ा खबर
 

गांधी-शास्‍त्री जयंती: राष्‍ट्रपति, उप-राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत राजनेताओं ने दी श्रद्धांजलि

महात्मा गांधी ने अपनी आत्मकथा “सत्ये के साथ मेरे प्रयोग” में बताया है कि बालकाल में उनके जीवन पर परिवार और माँ के धार्मिक वातावरण और विचार का गहरा असर पड़ा था।
नेताओं ने महात्मा गांधी को राजघाट और लाल बहादुर शास्त्री को विजय घाट पर श्रद्धांजलि दी।

2 अक्टूबर, आज ही के दिन ‘बापू’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। आज गांधी जयंती है। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से लेकर वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तक सभी गांधी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। बापू को सीनियर बीजेपी लीडर लाल कृष्ण आडवाणी ने राजघाट जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने भी सुबह राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनके अलावा उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी। गाधी जयंती पर यूपी के सीएम राज्यपाल राम नाईक और सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि दी।

आज 2 अक्टूबर को ही एक और भी महान नेता लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिन है। लाल बहादुर शास्त्री का जन्म मुगलसराय में हुआ था। भारत के आजाद होने के बाद लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। शास्त्री जी को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने विजय घाट जाकर श्रद्धांजलि दी।

मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। वो पुतलीबाई और करमचंद गांधी के तीन बेटों में सबसे छोटे थे। करमचंद गांधी कठियावाड़ रियासत के दीवान थे। महात्मा गांधी ने अपनी आत्मकथा “सत्ये के साथ मेरे प्रयोग” में बताया है कि बालकाल में उनके जीवन पर परिवार और माँ के धार्मिक वातावरण और विचार का गहरा असर पड़ा था। राजा हरिश्चंद्र नाटक से बालक मोहनदास के मन में सत्यनिष्ठा के बीज पड़े। मोहनदास की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई स्थानीय स्कूलों में हुई। वो पहले पोरबंदर के प्राथमिक पाठशाला में और उसके बाद राजकोट स्थित अल्बर्ट हाई स्कूल में पढ़े। पढ़ने-लिखने में वो औसत थे। सन् 1883 में करीब 13 साल की उम्र में करीब छह महीने बड़ी कस्तूरबा से उनका ब्याह हो गया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.